जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित BRICS पर्यटन मंत्रियों की बैठक में सदस्य देशों के बीच पर्यटन सहयोग को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में ‘जयपुर घोषणापत्र’ को स्वीकार किया गया, जिसे BRICS देशों के बीच पर्यटन क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग का आधार बनाया जाएगा।
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान पर्यटन क्षेत्र के लिए ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता’ को प्रमुख आधार बनाया गया है। उनका कहना है कि पर्यटन को केवल घूमने तक सीमित न रखकर आर्थिक विकास, रोजगार और स्थानीय समुदायों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाया जाना चाहिए।
चार प्रमुख क्षेत्रों पर BRICS देशों का फोकस
19 और 20 अगस्त को जयपुर में हुई पर्यटन कार्य समूह की बैठक में चार प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पर्यटन, टिकाऊ एवं जिम्मेदार पर्यटन, पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास तथा पर्यटन आदान प्रदान के साथ आसान यात्रा व्यवस्था शामिल रही।
‘जयपुर घोषणापत्र’ के जरिए AI के जिम्मेदार इस्तेमाल, मानव केंद्रित पर्यटन, प्रशिक्षण, पर्यटन निवेश, आंकड़ों और सफल प्रयोगों को साझा करने तथा लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर सहयोग मजबूत करने की दिशा तय की गई है।
वीजा प्रक्रिया आसान बनाने पर भी जोर
BRICS देशों के बीच यात्रियों की आवाजाही को सरल बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अलग अलग देशों में वीजा से जुड़े नियम अपने कानूनों के अनुसार लागू होते हैं, लेकिन बैठक में यात्रियों की असुविधा कम करने और यात्रा प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने पर सहमति की दिशा में काम करने की बात कही गई।
भारत की ई वीजा व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया। इसके माध्यम से कई देशों के नागरिक घर या कार्यालय से ऑनलाइन आवेदन कर भारत यात्रा की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
दस साल में तीन गुना से ज्यादा बढ़ा घरेलू पर्यटन
गजेंद्र सिंह शेखावत ने भारत में घरेलू पर्यटन की बढ़ती ताकत का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में देश में घरेलू पर्यटकों की संख्या तीन गुना से अधिक बढ़ी है।
भारत की भौगोलिक विविधता, ऐतिहासिक विरासत और अलग अलग संस्कृतियां देश को वैश्विक पर्यटन के लिए विशेष अवसर प्रदान करती हैं। सरकार का प्रयास है कि इस क्षमता का इस्तेमाल पर्यटन के साथ रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जाए।
ओवर टूरिज्म से निपटने के लिए टिकाऊ पर्यटन पर जोर
बैठक में अत्यधिक पर्यटक दबाव वाले पर्यटन स्थलों से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। कई लोकप्रिय स्थानों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने के कारण पर्यावरण, स्थानीय संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
ऐसे में पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों को संतुलित रखना जरूरी बताया गया। भारत में डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गनाइजेशन की व्यवस्था को मजबूत करने और एकता नगर से मिले अनुभवों को अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
पर्यटन क्षेत्र के लिए तैयार होगा कुशल युवा कार्यबल
बदलती तकनीक और पर्यटकों की नई जरूरतों को देखते हुए पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षित कर्मचारियों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए BRICS देशों के बीच कौशल विकास और प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
युवाओं और पर्यटन से जुड़े कर्मचारियों को नई तकनीक, सेवा प्रबंधन और बदलते पर्यटन बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने की योजना पर सदस्य देशों के बीच अनुभव साझा किए जाएंगे।
पर्यटन निवेश और नए प्रोडक्ट विकसित करने पर फोकस
जयपुर घोषणापत्र पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के साथ नए पर्यटन प्रोडक्ट विकसित करने का रास्ता भी तैयार करेगा। इसके तहत सदस्य देशों के बीच आंकड़े, सफल मॉडल और बेहतर कार्यप्रणाली साझा करने पर जोर दिया जाएगा।
सांस्कृतिक सहयोग को भी इस पहल का अहम हिस्सा बनाया गया है। कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों के आदान प्रदान तथा साझा विरासत के संरक्षण के लिए BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की योजना है।
विदेशी प्रतिनिधियों ने देखी राजस्थान की विरासत
जयपुर में बैठक के लिए पहुंचे विदेशी प्रतिनिधियों को राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराया गया। प्रतिनिधिमंडल ने हवा महल, सिटी पैलेस और आमेर किले जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का दौरा किया।
इस दौरान राजस्थान की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प की झलक भी प्रतिनिधियों को दिखाई गई। बगरू प्रिंटिंग, मीना बुनाई, लाख की चूड़ियों और मिट्टी तथा कागज से बने हस्तशिल्प ने विदेशी मेहमानों का ध्यान आकर्षित किया।
जयपुर की वैश्विक पर्यटन पहचान मजबूत होने की उम्मीद
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के लिए पर्यटन केवल ऐतिहासिक स्मारकों की यात्रा तक सीमित नहीं है। यह देश की संस्कृति, परंपरा और विविधता को दुनिया के सामने रखने का प्रभावी माध्यम भी है।
जयपुर में BRICS पर्यटन बैठकों के आयोजन को राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस आयोजन के बाद जयपुर और राजस्थान की वैश्विक पर्यटन पहचान और मजबूत होगी। इससे आने वाले समय में विदेशी पर्यटकों की संख्या, पर्यटन निवेश और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
पर्यटन से अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को जोड़ने की रणनीति
शेखावत ने कहा कि BRICS पर्यटन सहयोग का अंतिम उद्देश्य केवल पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाना नहीं है। इसके जरिए अर्थव्यवस्था को गति देने, रोजगार के नए अवसर तैयार करने, स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और अलग अलग देशों की सभ्यताओं के बीच संबंध बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
जयपुर में हुए इस सम्मेलन से पर्यटन को नई तकनीक, निवेश, संस्कृति, कौशल विकास और टिकाऊ विकास से जोड़ने की दिशा में BRICS देशों के बीच सहयोग का नया आधार तैयार हुआ है।

