नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को पैलेट गन से घायल होने का दावा करने वाले 19 वर्षीय साहिल लोचब को साथ लेकर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। मामला बढ़ने पर संसद के नजदीक स्थित पुलिस स्टेशन के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती करनी पड़ी।राहुल गांधी सबसे पहले साहिल लोचब, उनकी मां, वकील और पार्टी के कुछ नेताओं के साथ मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। इसके बाद सभी संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां नई दिल्ली जिले के DCP का कार्यालय भी है।
DCP से मुलाकात के बाद पुलिस स्टेशन में धरना
राहुल गांधी ने DCP सचिन शर्मा से उनके कार्यालय में मुलाकात की। मुलाकात के बाद वे अन्य नेताओं के साथ पुलिस स्टेशन परिसर में धरने पर बैठ गए। उनकी मांग घायल युवक की शिकायत पर FIR दर्ज करने की थी।धीरे धीरे कांग्रेस के कई कार्यकर्ता भी वहां पहुंचने लगे। भीड़ बढ़ने और इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और RAF के जवानों को तैनात किया।
संसद के पास सड़कों पर लगाई गई बैरिकेडिंग
संसद के आसपास का इलाका हाई सिक्योरिटी जोन में आता है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस ने पुलिस स्टेशन की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी।पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल लगाया गया, ताकि प्रदर्शन के दौरान संसद के आसपास यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
साहिल ने पैलेट चलाने वाले व्यक्ति को लेकर क्या आरोप लगाया?
साहिल लोचब ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को संसद की ओर निकाले गए यूथ मार्च के दौरान नीली वर्दी पहने और बड़ी बंदूक लिए एक व्यक्ति ने उन पर पैलेट चलाए थे।उनकी शिकायत में किए गए इस दावे के बाद RAF की वर्दी को लेकर भी सवाल उठे। RAF, CRPF का हिस्सा है और उसके जवान नीली वर्दी में तैनात रहते हैं। संयोग से राहुल गांधी और उनके साथ मौजूद नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था के दौरान भी RAF के जवान उसी तरह की वर्दी में वहां तैनात थे।
प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस नेता पहुंचे
धरने के दौरान वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी भी राहुल गांधी के साथ शामिल हुईं। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा समेत पार्टी के कई अन्य नेता भी मौके पर मौजूद रहे।धरने के दौरान राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने पुलिस स्टेशन परिसर में ही दोपहर का भोजन किया और FIR दर्ज किए जाने की मांग पर अपना विरोध जारी रखा।
FIR की कॉपी मिलने के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
शाम तक पुलिस की ओर से FIR की कॉपी उपलब्ध कराए जाने के बाद राहुल गांधी और उनके साथ मौजूद नेता पुलिस स्टेशन से बाहर निकले। कांग्रेस नेताओं ने इसे अपनी मांग की सफलता के तौर पर पेश किया।मामले में अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच और घटना के दौरान मौजूद सुरक्षा बलों की भूमिका को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

