छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ से सुरक्षाबलों को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। 17 लाख रुपये की इनामी हार्डकोर नक्सली कमला ने आखिरकार हथियार डाल दिए हैं। बताया जा रहा है कि कमला लंबे समय से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय थी और कई बड़ी घटनाओं में उसकी सीधी भूमिका रही है। सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर उसने सरेंडर करने का फैसला लिया।
सरेंडर के बाद कमला ने कई अहम राज खोले हैं। उसने बताया कि जंगलों में नक्सल संगठन किस तरह से स्थानीय युवाओं को बरगला कर अपने साथ जोड़ते हैं और हथियारबंद संघर्ष के लिए तैयार करते हैं। साथ ही, उसने कई ठिकानों और नक्सल बैठकों की जानकारी भी सुरक्षाबलों को दी है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, कमला के आत्मसमर्पण से क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा। यह न सिर्फ सुरक्षाबलों के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि अन्य नक्सलियों को भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करेगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसे सरकार की पुनर्वास नीति के तहत लाभ प्रदान किए जाएंगे।