सरकारी सेवा में पहुंचने के बाद अधिकारी से कानून और जनता के प्रति जवाबदेही की उम्मीद की जाती है। लेकिन कटनी में पदस्थ रहीं तत्कालीन सीएसपी नेहा पच्चीसिया से जुड़ा मामला अब गंभीर आरोपों और पुलिस जांच के केंद्र में आ गया है। अपराधियों पर कार्रवाई करने वाली अधिकारी अब खुद जमीन सौदे, कथित दबाव, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों का सामना कर रही हैं। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद विशेष जांच दल भी गठित किया गया है।
दो हेक्टेयर जमीन से शुरू हुआ पूरा विवाद
कटनी में सीएसपी के पद पर तैनात रहीं नेहा पच्चीसिया के खिलाफ कार्रवाई एक विवादित जमीन सौदे के आरोपों के बाद शुरू हुई। शिकायतकर्ता रमेश लोधी का आरोप है कि उनके बेटे के खिलाफ एक आदिवासी युवक की हत्या का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस कार्रवाई के बीच उन पर दबाव बनाया गया।
आरोप है कि मामले में राहत दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपये की मांग की गई। शिकायत में तत्कालीन कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा के शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है। परिवार के पास इतनी रकम नहीं होने की बात सामने आने पर जमीन बेचकर पैसे जुटाने का कथित सुझाव दिया गया।
करोड़ों की जमीन और मिली सिर्फ 18 लाख की रकम का आरोप
मामले का सबसे अहम पहलू जमीन के मूल्य को लेकर है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जमीन की कीमत करीब 82 लाख रुपये बताई गई, जबकि परिवार का दावा है कि सौदा लगभग 1.07 करोड़ रुपये में तय हुआ था। इसके बावजूद शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें केवल करीब 18 लाख रुपये मिले, जिनमें 15 लाख रुपये चेक और लगभग 3 लाख रुपये नकद शामिल थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बेटे को कानूनी मुश्किल से बचाने की मजबूरी का फायदा उठाकर जमीन का सौदा बेहद कम कीमत पर कराया गया। इसी असमानता और कथित दबाव ने पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े किए।
मामला बढ़ा तो दर्ज हुई एफआईआर और बनी एसआईटी
आरोप सामने आने के बाद नेहा पच्चीसिया और अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और पद के कथित दुरुपयोग से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
मामले में पुलिस विभाग के अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई है। राजनाथ नगर थाना प्रभारी अरुण पाल सिंह, सब-इंस्पेक्टर सौरभ सोनी, सीएसपी कार्यालय से जुड़े कर्मचारी नरेंद्र पांडे, गनमैन मटू और चालक केशव को भी निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सीएम के हस्तक्षेप के बाद बढ़ी कार्रवाई
मामला सार्वजनिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा में आने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नेहा पच्चीसिया के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी। उन्हें निलंबित किए जाने के साथ प्रकरण की जांच शुरू की गई। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी अलग से चल रही है।
फिलहाल इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जमीन का सौदा किन परिस्थितियों में हुआ, इसमें पुलिस अधिकारियों की क्या भूमिका रही और क्या शिकायतकर्ता पर किसी प्रकार का दबाव बनाया गया था। इन सवालों का अंतिम जवाब एसआईटी और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

