दिल्ली : शाहदरा स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज यानी IHBAS में मरीजों के लिए चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से जुड़ी सेवाओं को मजबूत करने के लिए पांच नए विशेष विभाग शुरू किए गए हैं।
इन विभागों के जरिए केवल बीमारी का उपचार ही नहीं, बल्कि मरीजों के पुनर्वास, लंबे समय तक देखभाल, सपोर्टिव केयर, सुरक्षा व्यवस्था और विशेषज्ञ प्रशिक्षण को भी एक व्यापक चिकित्सा ढांचे में शामिल किया जाएगा।
बुजुर्ग मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान
IHBAS के निदेशक डॉ. राजेंद्र धामिजा के अनुसार, संस्थान में जेरिएट्रिक मेंटल हेल्थ में DM पाठ्यक्रम पहले ही शुरू किया जा चुका है। दिल्ली इस तरह का DM कोर्स संचालित करने वाला देश का तीसरा शहर है। इससे पहले बेंगलुरु और लखनऊ में यह प्रशिक्षण उपलब्ध था।
इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य बुजुर्गों में होने वाली मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, विशेष रूप से डिमेंशिया जैसी स्थितियों के लिए विशेषज्ञ तैयार करना है। बढ़ती उम्र के साथ मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरतों को देखते हुए इस क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्लिनिकल गवर्नेंस से इलाज की गुणवत्ता पर नजर
नए विभागों में क्लिनिकल गवर्नेंस भी शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा की निगरानी करना है।
यह विभाग निर्धारित चिकित्सा मानकों के पालन, सेवाओं की समीक्षा और लगातार सुधार की प्रक्रिया पर काम करेगा। इससे अस्पताल में उपचार की गुणवत्ता को व्यवस्थित तरीके से बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
न्यूरो-रिहैबिलिटेशन से मरीजों की वापसी आसान होगी
स्ट्रोक, दुर्घटना और अन्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के बाद कई मरीजों को लंबे समय तक पुनर्वास की जरूरत होती है। ऐसे मरीजों के लिए न्यूरो-रिहैबिलिटेशन विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसका उद्देश्य मरीजों की शारीरिक और कार्यात्मक क्षमता को बेहतर करना तथा उन्हें रोजमर्रा के कामों में अधिक आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करना है। उपचार के बाद सामान्य जीवन में वापसी की प्रक्रिया में पुनर्वास की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है।
न्यूरो इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी से जांच की विशेषज्ञ सुविधा
IHBAS ने तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों की जांच और उपचार को अधिक विशेषज्ञ बनाने के लिए न्यूरो इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी विभाग भी शुरू किया है। इस सेवा से न्यूरोलॉजिकल समस्याओं की पहचान और उनके प्रबंधन से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा।
नए विभागों के साथ संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल मरीजों के लिए विशेषज्ञ सेवाओं का दायरा पहले की तुलना में व्यापक होने की उम्मीद है।
दिल्ली के साथ आसपास के राज्यों के मरीजों को भी फायदा
पूर्वी दिल्ली के शाहदरा में स्थित IHBAS में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, बड़ौत, बागपत और शामली जैसे आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज यहां आते हैं।
नए विभागों और विशेषज्ञ प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार से मरीजों को उपचार के साथ पुनर्वास, लंबे समय तक सपोर्टिव केयर और विशेषज्ञ सेवाएं एक ही संस्थान में उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी। इससे IHBAS में मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल देखभाल का मॉडल केवल उपचार केंद्रित न रहकर अधिक व्यापक और दीर्घकालिक बन सकता है।

