चंडीगढ़। पंजाब में संभावित आतंकी खतरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। ताजा खुफिया इनपुट में पाकिस्तान से संचालित शहजाद भट्टी नेटवर्क द्वारा अमृतसर क्षेत्र के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, दो पाकिस्तान स्थित संदिग्ध ऑपरेटिव के नाम भी सामने आए हैं और दो संवेदनशील स्थानों की कथित रेकी किए जाने की जानकारी मिली है।
हालांकि, किसी संभावित हमले की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए इसकी सत्यता और इससे जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही हैं।
दो सैन्य प्रतिष्ठानों की कथित रेकी का इनपुट
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमृतसर में खासा कैंटोनमेंट और ब्यास के पास स्थित बुधा थेह सैन्य प्रतिष्ठान की कथित रेकी किए जाने की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंची है। इनपुट में राणा भाई और मलिक नाम के दो पाकिस्तान स्थित संदिग्ध ऑपरेटिव का उल्लेख होने की बात कही गई है।
सुरक्षा कारणों से इन प्रतिष्ठानों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। एजेंसियों का मुख्य प्रयास यह पता लगाना है कि कथित रेकी वास्तव में हुई थी या नहीं और यदि हुई तो इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर पहले भी सामने आ चुके हैं गंभीर मामले
शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से जांच कर रही हैं। केंद्र सरकार की ओर से 17 अगस्त को जारी जानकारी के अनुसार, 12 अगस्त को 14 राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियान में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें पंजाब से 44 लोग शामिल थे। एजेंसियों के मुताबिक नेटवर्क पर पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी कराने तथा निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगवाने के आरोप भी सामने आए हैं।
जून में NIA ने भी पंजाब और हरियाणा में भट्टी से जुड़े मामलों की जांच के तहत कई स्थानों पर कार्रवाई की थी।
खासा कैंटोनमेंट के पुराने धमाके से भी जुड़ी जांच
अमृतसर के खासा कैंटोनमेंट की सुरक्षा को लेकर मौजूदा इनपुट इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसी साल 5 मई को कैंटोनमेंट की सीमा के पास कम तीव्रता वाला विस्फोट हुआ था। पंजाब पुलिस ने उस मामले में IED के इस्तेमाल की बात कही थी। हालांकि, उस घटना और मौजूदा खुफिया इनपुट के बीच कोई संबंध आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है।
एजेंसियों के सामने अब नेटवर्क की कड़ियां तलाशने की चुनौती
ताजा इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों के आसपास निगरानी बढ़ाने के साथ कथित रेकी से जुड़े लोगों और स्थानीय संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हैं। जांच में तकनीकी और मानवीय खुफिया सूचनाओं के साथ उपलब्ध CCTV फुटेज और संदिग्ध संपर्कों की भी पड़ताल की जा सकती है।
पंजाब की पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा और पहले सामने आ चुके सीमा पार हथियार तस्करी तथा आतंकी नेटवर्क के मामलों को देखते हुए ऐसे इनपुट को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खुफिया चेतावनी को संभावित खतरे के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि कोई हमला निश्चित या तत्काल होने वाला है। आगे की जांच और आधिकारिक जानकारी से ही स्पष्ट होगा कि कथित रेकी और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की योजना के पीछे वास्तविक नेटवर्क कितना सक्रिय था।

