कुरुक्षेत्र में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिगड़ती सफाई व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासन ने ऑपरेशन क्लीन सिटी शुरू किया। अभियान के तहत शहर के अलग-अलग हिस्सों में जमा कचरे को हटाने के लिए अतिरिक्त संसाधन और सफाई वाहन लगाए गए। अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई, क्योंकि हड़ताल पर मौजूद कर्मचारियों ने प्रशासन की इस वैकल्पिक व्यवस्था का विरोध किया।
कई इलाकों में जमा हो गया था कचरा
सफाई कर्मचारियों के काम पर नहीं होने के कारण शहर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर बढ़ने लगे थे। सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने से स्थानीय लोगों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।बारिश के मौसम में लंबे समय तक कचरा पड़ा रहने से बदबू और गंदगी बढ़ने के साथ संक्रमण का खतरा भी पैदा होने की आशंका थी। इसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक तरीके से कचरा उठाने का फैसला किया।
अतिरिक्त वाहन लगाकर शुरू हुआ सफाई अभियान
ऑपरेशन क्लीन सिटी के तहत नगर परिषद ने अतिरिक्त संसाधनों और वाहनों की व्यवस्था की। कचरा संग्रह करने वाले वाहनों को अलग-अलग क्षेत्रों में भेजकर सड़कों के किनारे और कूड़ा जमा होने वाले स्थानों से सफाई कराई गई।शहर के प्रमुख बाजारों और उन इलाकों को प्राथमिकता दी गई जहां लंबे समय से कचरा जमा था। सफाई टीमों के साथ पुलिसकर्मी भी तैनात रहे, ताकि अभियान के दौरान किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो।
हड़ताली कर्मचारियों ने जताया विरोध
प्रशासन की ओर से शुरू किए गए अभियान का हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों ने विरोध किया। कर्मचारियों का कहना था कि उनकी मांगों पर समाधान निकालने के बजाय प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए सफाई कराने में जुटा है।कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और प्रशासन से बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की मांग की। पुलिस की मौजूदगी के चलते कुछ स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण भी रही, हालांकि प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश जारी रखी।
प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
एक ओर शहर में लगातार जमा हो रहे कचरे को हटाना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कर नियमित व्यवस्था बहाल करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। लंबे समय तक सफाई व्यवस्था बाधित रहने पर लोगों को परेशानी के साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम का भी सामना करना पड़ सकता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच विवाद का जल्द समाधान होना चाहिए, ताकि शहर में नियमित सफाई व्यवस्था वापस पटरी पर आ सके। वहीं कर्मचारियों ने भी अपनी मांगों पर गंभीरता से बातचीत की मांग की है।
अब बातचीत से समाधान निकलने पर टिकी नजर
फिलहाल प्रशासन ऑपरेशन क्लीन सिटी के जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों से कचरा हटाने में जुटा है। पुलिस सुरक्षा के बीच चल रहे अभियान और हड़ताली कर्मचारियों के विरोध ने मामले को गंभीर बना दिया है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच बातचीत कब आगे बढ़ती है और हड़ताल समाप्त होने के बाद कुरुक्षेत्र की नियमित सफाई व्यवस्था कितनी जल्दी पूरी तरह सामान्य हो पाती है।

