लाइफस्टाइल : महाराष्ट्र की पारंपरिक मिठाइयों में अनारसा अपनी अलग पहचान रखता है। बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से नरम यह मिठाई चावल और गुड़ से तैयार होती है। इसकी खासियत यह है कि इसे बनाने के लिए चीनी की चाशनी तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ती। रक्षाबंधन, दिवाली और दूसरे शुभ अवसरों पर इसे घर पर बनाने की परंपरा रही है।
अनारसा बनाने के लिए चाहिए ये सामग्री
- 2 कप चावल
- 1 कप गुड़
- 2 से 3 चम्मच घी
- 3 से 4 चम्मच खसखस
- तलने के लिए तेल या घी
- जरूरत के अनुसार थोड़ा दूध या पानी
- स्वाद के लिए थोड़ी इलायची पाउडर, वैकल्पिक
चावल तैयार करने में ही छिपा है स्वाद का राज
चावल को अच्छी तरह धोकर करीब तीन दिन तक पानी में भिगोकर रखें। हर दिन इसका पानी बदलते रहें। तीसरे दिन चावल को पानी से निकालकर कपड़े पर फैलाएं और इस तरह सुखाएं कि उनमें हल्की नमी बनी रहे।
इसके बाद चावल को पीसकर बारीक आटा तैयार कर लें। अनारसा अच्छा बनाने के लिए चावल की तैयारी पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
गुड़ के साथ ऐसे तैयार करें आटा
चावल के आटे में बारीक किया हुआ गुड़ डालकर अच्छी तरह मिलाएं और मिश्रण को गूंथकर नरम आटा तैयार करें। इसे ढककर करीब 8 से 10 घंटे के लिए रख दें। इस दौरान गुड़ आटे में अच्छी तरह मिल जाएगा और स्वाद भी बेहतर आएगा।
अगर आटा बहुत सूखा लगे तो थोड़ा दूध या पानी मिलाया जा सकता है। ध्यान रखें कि मिश्रण बहुत ढीला न हो।
खसखस से मिलेगा अनारसे को खास लुक
तैयार आटे की छोटी लोइयां बनाएं। एक प्लेट में खसखस फैलाकर लोई को हल्के हाथ से दबाएं और उसके एक हिस्से पर खसखस अच्छी तरह चिपका दें। इसके बाद इसे मनचाहा गोल आकार दें।
धीमी आंच पर तलना है सबसे जरूरी
कड़ाही में तेल या घी गर्म करें और अनारसे को मध्यम से धीमी आंच पर तलें। तेल बहुत ज्यादा गर्म होने पर बाहरी हिस्सा जल्दी भूरा हो सकता है, जबकि अंदर का हिस्सा अधपका रह सकता है।
जब अनारसा सुनहरा और कुरकुरा हो जाए तो उसे निकालकर छलनी या पेपर पर रखें, ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
स्वाद बढ़ाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
अच्छी गुणवत्ता वाले और संभव हो तो पुराने चावल इस्तेमाल करने से बेहतर परिणाम मिल सकता है। गुड़ की मात्रा अपनी पसंद के अनुसार घटाई-बढ़ाई जा सकती है। खुशबू के लिए थोड़ी इलायची पाउडर मिलाई जा सकती है।
सबसे अहम बात यह है कि तलते समय आंच तेज न रखें। धीमी या मध्यम आंच पर पकाने से अनारसा अंदर तक अच्छी तरह तैयार होता है और बाहर से भी कुरकुरा बनता है।
बिना चाशनी वाली मिठाई क्यों है खास
अनारसा उन पारंपरिक मिठाइयों में शामिल है जिनमें चीनी की चाशनी बनाने की जरूरत नहीं होती। गुड़ इसकी मिठास का मुख्य आधार है और चावल इसे अलग स्वाद और बनावट देते हैं। यही देसी तरीका इसे दूसरी सामान्य मिठाइयों से अलग पहचान देता है।
अगर त्योहार पर कुछ पारंपरिक और अलग बनाने का मन है, तो थोड़ी तैयारी के साथ घर पर बनाया गया अनारसा स्वाद के साथ पुरानी रसोई की खुशबू भी दे सकता है।

