लाइफस्टाइल : मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण और फ्लू जैसी सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। खांसी, छींक, गले में खराश, नाक बहना, बुखार और शरीर में दर्द जैसे लक्षण इस दौरान आम हो सकते हैं। ऐसे में हर समय मास्क पहनना जरूरी नहीं होता, लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।
बीमार होने पर मास्क को बनाएं प्राथमिकता
अगर आपको खांसी, जुकाम, गले में खराश या बुखार जैसे लक्षण हैं और किसी जरूरी काम से बाहर निकलना पड़ रहा है, तो मास्क पहनना बेहतर विकल्प है। इससे सांस और खांसने-छींकने के दौरान निकलने वाले संक्रमित कणों के दूसरों तक पहुंचने का जोखिम कम किया जा सकता है।
कहां मास्क पहनना ज्यादा उपयोगी हो सकता है
अस्पताल, क्लीनिक, बस, ट्रेन, मेट्रो और अन्य भीड़भाड़ वाली बंद जगहों पर मास्क का इस्तेमाल अधिक उपयोगी हो सकता है। जहां वेंटिलेशन कम हो और संक्रमित लोगों के संपर्क की संभावना ज्यादा हो, वहां अतिरिक्त सावधानी रखना बेहतर है।
घर में अगर किसी व्यक्ति को फ्लू जैसे लक्षण हैं और उसके साथ बुजुर्ग, छोटे बच्चे या कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग रहते हैं, तो उनके आसपास मास्क का इस्तेमाल संक्रमण का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है।
स्वस्थ लोगों को कब मास्क पर विचार करना चाहिए
पूरी तरह स्वस्थ व्यक्ति के लिए हर समय मास्क पहनना जरूरी नहीं है। लेकिन यदि आसपास संक्रमण तेजी से फैल रहा हो, आप किसी बीमार व्यक्ति के संपर्क में हों या भीड़भाड़ वाली बंद जगह में जाना हो, तो मास्क सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत दे सकता है।
मास्क का सही इस्तेमाल भी जरूरी
मास्क नाक और मुंह को पूरी तरह ढकने वाला और चेहरे पर अच्छी तरह फिट होना चाहिए। सामान्य परिस्थितियों में सर्जिकल मास्क उपयोगी हो सकता है, जबकि अधिक जोखिम वाली परिस्थितियों में बेहतर फिल्ट्रेशन क्षमता वाले मास्क अधिक सुरक्षा दे सकते हैं।
मास्क को बार-बार छूने से बचें। गीला या गंदा होने पर उसे बदल दें और इस्तेमाल किए गए मास्क को उचित तरीके से निपटाएं।
सिर्फ मास्क पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं
फ्लू और अन्य श्वसन संक्रमणों से बचने के लिए मास्क के साथ दूसरी सावधानियां भी जरूरी हैं।
- साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं।
- खांसते या छींकते समय नाक और मुंह ढकें।
- आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें।
- बीमार होने पर पर्याप्त आराम करें और दूसरों से दूरी रखें।
- घर और कार्यस्थल पर हवा का उचित वेंटिलेशन रखें।
- मौसमी फ्लू वैक्सीन के बारे में डॉक्टर से सलाह लें, खासकर जोखिम वाले लोगों के लिए।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
सामान्य खांसी-जुकाम अक्सर कुछ समय में ठीक हो सकता है, लेकिन तेज बुखार लगातार बना रहे, सांस लेने में दिक्कत हो, सीने में दर्द हो, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या लक्षण लगातार गंभीर होते जाएं तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
इसलिए मास्क को हर समय पहनना अनिवार्य मानने के बजाय परिस्थिति के अनुसार इस्तेमाल करना ज्यादा व्यावहारिक है। बीमारी की स्थिति में दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना संक्रमण के प्रसार को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

