नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर अवैध हथियारों की सप्लाई करने और हरियाणा के झज्जर में हुए चर्चित हत्या मामले में शामिल होने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार 34 वर्षीय आरोपी के तार कथित तौर पर रोहित गोदारा गैंग से जुड़े हुए हैं। मामले में अब उसके अन्य संपर्कों और आपराधिक नेटवर्क की जांच की जा रही है।
जापानी पार्क के पास पुलिस ने की गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच ने आरोपी की पहचान हरियाणा के झज्जर निवासी प्रदीप उर्फ सिपाही के रूप में की है। झज्जर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 5 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी।
पुलिस को उसकी गतिविधियों की विशेष सूचना मिली थी, जिसके बाद क्राइम ब्रांच की नॉर्दर्न रेंज-I टीम ने रोहिणी स्थित जापानी पार्क के पास घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
दिल्ली और हरियाणा के मामलों में था वांछित
पुलिस के मुताबिक, प्रदीप दिल्ली के नजफगढ़ थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले के साथ ही हरियाणा के झज्जर जिले के मछरौली थाने में दर्ज हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में भी वांछित था।
नजफगढ़ में दर्ज मामले की जांच के दौरान आरोपी पंकज उर्फ राकेश उर्फ कालिया के पास से अवैध हथियार बरामद किया गया था। पूछताछ में उसने कथित तौर पर यह हथियार प्रदीप से मिलने की जानकारी दी थी। इसके बाद प्रदीप का नाम जांच में सामने आया।
30 राउंड फायरिंग के बाद एक व्यक्ति की हुई थी मौत
पुलिस के अनुसार, प्रदीप पर 16 मई को झज्जर के सुभाना गांव में हुई गोलीबारी की घटना में शामिल होने का भी आरोप है। इस दौरान दो विरोधी लोगों को निशाना बनाकर कथित तौर पर करीब 30 राउंड गोलियां चलाई गई थीं।
फायरिंग में हितेश उर्फ गुल्लू को कई गोलियां लगी थीं और बाद में उसकी मौत हो गई। इस हत्या मामले में प्रदीप के कुछ साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि वह फरार चल रहा था।
कैसे आया कथित तौर पर गैंग के संपर्क में
पूछताछ के दौरान प्रदीप ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वर्ष 2022 में एक विवाद के दौरान गोली लगने के बाद उसका संपर्क रोहित गोदारा गैंग के कथित सदस्य नवीन बॉक्सर से हुआ था। इसके बाद उसने अपने संपर्कों के माध्यम से अवैध हथियार जुटाने शुरू किए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर विरोधियों से बदला लेने के लिए किया जाना था।
पुलिस का दावा है कि प्रदीप का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, हत्या, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी समेत अन्य मामलों में कुल चार केस दर्ज हैं।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2024 में प्रदीप को हरियाणा में जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस कार्रवाई के दौरान चार अवैध हथियार बरामद होने की बात भी सामने आई थी। बाद में उसे जमानत मिल गई थी।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी को BNSS की धारा 35(1)(c) के तहत गिरफ्तार किया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह अवैध हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क में किस स्तर तक सक्रिय था, उसके कथित गैंग कनेक्शन किन लोगों से थे और वह अन्य किन आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।

