दिल्ली। नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी यानी NLSIU के दीक्षांत समारोह को लेकर छात्रों के बीच असंतोष का माहौल है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समारोह रद्द किए जाने के बाद कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा जाहिर की। इसी बीच सौरव चंद्रचूड़ की ओर से छात्रों को दी गई सलाह चर्चा का विषय बन गई है।
सौरव चंद्रचूड़ ने छात्रों से कहा कि यदि संस्थान की ओर से आधिकारिक समारोह आयोजित नहीं हो पा रहा है, तो वे अपनी उपलब्धि का जश्न अपने तरीके से मना सकते हैं। उनके इस सुझाव को युवा पीढ़ी के नजरिए से जोड़कर देखा जा रहा है।
दीक्षांत समारोह रद्द होने से क्यों मायूस हैं छात्र
NLSIU देश के प्रमुख कानून संस्थानों में गिना जाता है। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए दीक्षांत समारोह केवल डिग्री हासिल करने की औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत के बाद मिलने वाला महत्वपूर्ण अवसर होता है।
कई विद्यार्थी इस दिन अपने माता-पिता, परिवार और दोस्तों के साथ अपनी सफलता का जश्न मनाने की तैयारी करते हैं। ऐसे में समारोह रद्द होने से छात्रों के बीच निराशा स्वाभाविक रूप से देखने को मिली है।
सौरव चंद्रचूड़ ने सुझाया अलग तरीका
विवाद के बीच सौरव चंद्रचूड़ ने छात्रों को परिस्थितियों के बीच सकारात्मक रास्ता तलाशने की सलाह दी। उनका कहना था कि किसी आधिकारिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो पाने से विद्यार्थियों की उपलब्धि की अहमियत कम नहीं हो जाती।
उनके मुताबिक छात्र चाहें तो अपने साथियों के साथ स्वयं ऐसा आयोजन कर सकते हैं, जिसे वे लंबे समय तक याद रख सकें। इसी सोच को Gen-Z के अंदाज से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां युवा पारंपरिक तरीकों के साथ अपने हिसाब से उपलब्धियों को सेलिब्रेट करने पर जोर देते हैं।
सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं
सौरव चंद्रचूड़ की सलाह सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे सकारात्मक सोच बताते हुए कहा कि परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने पर युवाओं को वैकल्पिक रास्ते तलाशने चाहिए।
दूसरी ओर, कुछ लोगों का तर्क है कि विश्वविद्यालय का आधिकारिक दीक्षांत समारोह अपनी अलग गरिमा और महत्व रखता है। छात्रों के लिए यह केवल जश्न का अवसर नहीं, बल्कि संस्थान के साथ उनके शैक्षणिक सफर के समापन का औपचारिक क्षण भी होता है।
समारोह रद्द करने के कारण को लेकर भी सवाल
विश्वविद्यालय की ओर से समारोह रद्द किए जाने के बाद इसके कारण को लेकर भी चर्चा हो रही है। ऐसे आयोजनों में सुरक्षा, प्रशासनिक तैयारियां, अतिथियों की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होती हैं। हालांकि, छात्रों के बीच अब यह सवाल बना हुआ है कि क्या विश्वविद्यालय बाद में किसी दूसरी तारीख पर आधिकारिक दीक्षांत समारोह आयोजित करेगा।
कई विद्यार्थी चाहते हैं कि उन्हें संस्थान की ओर से औपचारिक रूप से डिग्री प्रदान करने और परिवार के साथ इस उपलब्धि को मनाने का अवसर मिले।
अब आगे विश्वविद्यालय के फैसले पर नजर
पूरे मामले में फिलहाल दो अलग नजरिए सामने हैं। एक ओर छात्रों की भावनाएं और आधिकारिक दीक्षांत समारोह की अपेक्षा है, वहीं दूसरी ओर परिस्थितियों के अनुसार खुद अपनी उपलब्धि का जश्न मनाने का सुझाव दिया जा रहा है।
अब नजर इस बात पर है कि NLSIU प्रशासन समारोह को लेकर आगे क्या निर्णय लेता है। यदि भविष्य में नई तारीख पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, तो छात्रों की मौजूदा निराशा काफी हद तक दूर हो सकती है।

