संयुक्त राष्ट्र: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी है। बड़े पैमाने पर हुई तबाही के बीच भारत, श्रीलंका, ब्रिटेन समेत कई देशों ने नेपाल के लिए मानवीय और आर्थिक सहायता की घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत प्रयासों को मजबूत करने के लिए सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
तबाही के बाद बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
हिमालयी क्षेत्र में आई इस प्राकृतिक आपदा से नेपाल के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़कों, पुलों और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ भोजन, पानी, दवाइयों और अस्थायी आश्रय की जरूरत है।
भारत ने सबसे पहले बढ़ाया सहायता का हाथ
नेपाल के पड़ोसी भारत ने राहत प्रयासों में सहयोग के लिए जरूरी सामग्री और चिकित्सा सहायता भेजी है। भारतीय एजेंसियां नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता के साथ राहत कार्यों में भी सहयोग कर रही हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रभावित भारतीयों से जुड़ी जानकारी जुटाने और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है।
ब्रिटेन ने घोषित किया आपातकालीन सहायता पैकेज
ब्रिटेन ने भी नेपाल के लिए आपातकालीन आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इस मदद का इस्तेमाल राहत एवं बचाव अभियान, आपदा प्रबंधन तथा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास से जुड़े कार्यों में किए जाने की बात कही गई है।
श्रीलंका समेत कई देशों ने जताई मदद की प्रतिबद्धता
नेपाल के साथ क्षेत्रीय और मानवीय संबंधों को देखते हुए श्रीलंका सहित कई देशों ने भी सहायता की पेशकश की है। अमेरिका, यूरोपीय संघ, चीन और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से भी राहत प्रयासों में सहयोग की घोषणाएं सामने आई हैं।
विश्व बैंक जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी आपदा के बाद पुनर्निर्माण में सहयोग की संभावनाओं पर काम कर रही हैं।
नेपाल ने अपने संसाधनों से संभाली राहत की कमान
नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान की जिम्मेदारी सुरक्षा बलों तथा स्थानीय एजेंसियों को सौंपी है। सरकार की प्राथमिकता विदेशी बचाव दलों को बुलाने के बजाय आर्थिक और मानवीय सहायता के जरिए अपने अभियान को मजबूत करना बताई गई है।
प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने, आवश्यक खाद्य सामग्री और पेयजल उपलब्ध कराने तथा चिकित्सा सहायता पहुंचाने का काम जारी है।
आपदा के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग बना उम्मीद की किरण
नेपाल में आई इस आपदा ने एक बार फिर प्राकृतिक संकट के समय अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अहमियत सामने ला दी है। भारत सहित विभिन्न देशों की सहायता से नेपाल के राहत अभियान को अतिरिक्त संसाधन मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में राहत के साथ पुनर्वास और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए भी वैश्विक सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

