उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को बलिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री पहले हवाई सर्वेक्षण के जरिए बाढ़ की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे और इसके बाद प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री वितरित करेंगे। दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं और सुरक्षा से लेकर राहत वितरण तक सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
12:55 बजे बलिया पहुंचने का कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर देवरिया जिले के मझौली तप्पा हवेली स्थित हेलीपैड से राजकीय हेलीकॉप्टर के जरिए बलिया के लिए रवाना होंगे। करीब 12 बजकर 55 मिनट पर उनके बलिया पहुंचने का कार्यक्रम है।
मुख्यमंत्री जिले में लगभग 50 मिनट रहेंगे। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी उन्हें बाढ़ की मौजूदा स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों और राहत-बचाव कार्यों से जुड़ी जानकारी देंगे।
हवाई सर्वेक्षण में इन इलाकों पर रहेगी नजर
बलिया पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सबसे पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरान गंगा और अन्य नदियों के बढ़े जलस्तर से प्रभावित गांवों, कटान वाले क्षेत्रों तथा जलभराव की स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
बलिया में मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ने से हर वर्ष कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराता है। इस बार भी कुछ इलाकों में जलभराव और कटान की समस्या सामने आई है। प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा है।
मलाफरपुर में बाढ़ पीड़ित परिवारों से मिलेंगे सीएम
हवाई सर्वेक्षण पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री पकहां ग्राम पंचायत के मौजा मलाफरपुर पहुंचेंगे। यहां वह बाढ़ प्रभावित परिवारों से सीधे मुलाकात करेंगे और उन्हें राहत सामग्री वितरित करेंगे।
राहत सामग्री में प्रभावित परिवारों की जरूरत के जरूरी सामान शामिल होंगे। मुख्यमंत्री इस दौरान पीड़ितों की समस्याएं भी सुन सकते हैं और उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाएंगे।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में भोजन, पीने का पानी, दवाइयों और दूसरी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर जरूरी सुविधाएं लगातार मिलती रहें।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन ने हेलीपैड, राहत सामग्री वितरण स्थल और अन्य प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के साथ भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों की टीम मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रही है।
अधिकारियों से बाढ़ नियंत्रण की रिपोर्ट भी ले सकते हैं योगी
बलिया दौरे के दौरान मुख्यमंत्री जिले के अधिकारियों से बाढ़ नियंत्रण और राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ले सकते हैं। प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद वह प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे सकते हैं।
गंगा और घाघरा जैसी नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण जिले के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा बना रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों में घरों, फसलों और पशुधन पर इसका असर पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में मुख्यमंत्री का दौरा न केवल बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने बल्कि प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

