नेपाल में आई अचानक बाढ़ और भारी तबाही के बीच तिरुचिरापल्ली की सेवानिवृत्त नर्स कनागा सुंदरम्बल के लापता होने से परिवार की चिंता बढ़ गई है। वह आध्यात्मिक यात्रा के लिए नेपाल गई थीं, लेकिन आपदा के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिवार अब उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद में जानकारी का इंतजार कर रहा है।
चेन्नई से नेपाल के लिए रवाना हुई थीं सुंदरम्बल
सुंदरम्बल तिरुचिरापल्ली में लंबे समय से रहने वाली थीं और एक सरकारी अस्पताल में नर्स के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं। उनकी पड़ोसी और करीबी पारिवारिक मित्र अरुलजोथी के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच करीब तीन दशक से संबंध हैं।
उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को उनके पति ने सुंदरम्बल के लिए ट्रेन टिकट बुक किया था और उन्हें चेन्नई भेजा गया था। इसके बाद वह आध्यात्मिक यात्रा के उद्देश्य से नेपाल रवाना हुईं।
बाढ़ के बाद फोन हुआ बंद, परिवार की चिंता बढ़ी
नेपाल में आपदा की जानकारी सामने आने के बाद परिवार ने सुंदरम्बल से संपर्क करने का प्रयास किया। हालांकि उनका फोन स्विच ऑफ या नेटवर्क से बाहर बताया जा रहा है। लगातार कोशिशों के बावजूद परिवार को उनकी स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
अरुलजोथी के अनुसार, गुरुवार से परिवार सुंदरम्बल की बेटी से भी संपर्क करने का प्रयास कर रहा था। उन्हें जानकारी मिली कि उनकी बेटी काम के सिलसिले में विदेश गई हुई है।
परिवार की अब एक ही उम्मीद है कि सुंदरम्बल सुरक्षित हों और जल्द अपने घर लौटें।
नेपाल में बचाव अभियान के बीच 84 भारतीयों को निकाला गया
नेपाल में भोटे कोशी और त्रिशूली नदी कॉरिडोर में आई अचानक बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान तेज किया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, अब तक 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
बचाए गए लोगों में तमिलनाडु के 21 नागरिक भी शामिल हैं, जिन्हें शुक्रवार को भारत वापस लाया गया। इसके अलावा त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे 63 कर्मचारियों को भी सुरक्षित निकाला गया है।
आपदा में मौतों और लापता लोगों का आंकड़ा बढ़ा
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मृतकों की संख्या 579 तक पहुंच गई है, जबकि 1,924 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
ऐसे हालात में सुंदरम्बल जैसे लापता लोगों के परिवारों की चिंता लगातार बढ़ रही है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में तलाश अभियान चला रहे हैं और परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही उनकी कोई जानकारी सामने आएगी।

