बिहार के मच्छरगांवा गांव स्थित एक मंदिर में अंडे फोड़े जाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक तांत्रिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में मामला किसी आपराधिक साजिश से ज्यादा कथित तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास से जुड़ा पाया गया है।
एसआईटी जांच में सामने आया कनेक्शन
मंदिर परिसर में अंडे फोड़े जाने की सूचना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया था। एसआईटी ने ग्रामीणों से पूछताछ करने के साथ घटना से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। जांच आगे बढ़ने पर एक तांत्रिक और एक परिवार की भूमिका सामने आई।
आर्थिक परेशानी दूर करने का दिया भरोसा
पुलिस के अनुसार, तांत्रिक ने परिवार को कथित तौर पर बताया था कि उनके घर पर नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव है। उसने दावा किया कि विशेष पूजा कराने से परेशानियां दूर हो सकती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
बताया जा रहा है कि तांत्रिक हाल ही में नेपाल से कथित रूप से तंत्र-मंत्र सीखकर लौटने की बात कह रहा था। परिवार उसके दावों से प्रभावित हुआ और उसके बताए तरीके से पूजा करने के लिए तैयार हो गया।
रात में मंदिर पहुंचकर की गई पूजा
पुलिस के मुताबिक 25 अगस्त की रात करीब 10 बजे के बाद परिवार के कुछ सदस्य टेंपो और बाइक से मंदिर पहुंचे। तांत्रिक के निर्देश के अनुसार वहां कथित तंत्र पूजा की गई। इसी दौरान मंदिर परिसर में 9 अंडे फोड़े गए और अन्य पूजा सामग्री का इस्तेमाल किया गया।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में नाराजगी का माहौल बना और पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी।
अंधविश्वास के प्रभाव की भी जांच
जांच में फिलहाल यह बात सामने आई है कि परिवार मंदिर में किसी को नुकसान पहुंचाने के इरादे से नहीं गया था। पुलिस के अनुसार, परिवार ने तांत्रिक के कथित दावों पर भरोसा करते हुए यह कदम उठाया।
अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि तांत्रिक पहले भी ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं और उसके संपर्क में कितने अन्य लोग थे।
ग्रामीणों की नाराजगी के बाद बढ़ी सक्रियता
मंदिर परिसर में हुई घटना से स्थानीय लोगों में नाराजगी थी। ग्रामीणों का कहना था कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की गतिविधियों से लोगों की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने लगी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि तंत्र-मंत्र या अंधविश्वास के नाम पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें। साथ ही आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं के समाधान के लिए झूठे दावों के बजाय वैज्ञानिक और कानूनी उपायों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

