MP BJP Meeting: ओरछा एक बार फिर मध्य प्रदेश की बड़ी राजनीतिक गतिविधि का केंद्र बनने जा रहा है। श्रीरामराजा सरकार की नगरी में करीब 14 साल के अंतराल के बाद भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित होने जा रही है। 30 और 31 अगस्त को होने वाले इस दो दिवसीय आयोजन में प्रदेश कार्यसमिति के 106 सदस्यों के अलावा करीब 300 से 400 डेलिगेट्स और पार्टी के अलग-अलग पदाधिकारी शामिल होंगे।दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक को संगठन के स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। औपचारिक बैठकों के साथ पार्टी नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद का भी अवसर मिलेगा।
तैयारियों को परखने ओरछा पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष
बैठक की व्यवस्थाओं का जायजा लेने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल शनिवार को ओरछा पहुंचे। उनके साथ प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे भी मौजूद रहे।प्रदेश अध्यक्ष ने स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों, व्यवस्थाओं और आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
भोपाल से अलग होगा दो दिवसीय आयोजन का अंदाज
हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि भोपाल में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठकें आमतौर पर दोपहर करीब 12 बजे शुरू होकर शाम तक समाप्त हो जाती हैं। लेकिन ओरछा में आयोजित बैठक दो दिनों तक चलेगी।इस दौरान बैठक के अलावा भोजन और अन्य अवसरों पर पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को एक-दूसरे के साथ संवाद करने का पर्याप्त समय मिलेगा। उनके मुताबिक इस तरह के आयोजन संगठन के भीतर बेहतर तालमेल और आपसी समन्वय को मजबूत करने में मदद करते हैं।
हर दो-तीन महीने में बैठक कराने पर जोर
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए प्रदेश कार्यसमिति की बैठक नियमित अंतराल पर होनी चाहिए। उनके मुताबिक आदर्श रूप से हर दो-तीन महीने में ऐसी बैठक आयोजित की जानी चाहिए।हालांकि कार्यसमिति में सदस्यों की संख्या और परिस्थितियों के चलते कई बार बैठकों के बीच अंतर बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि सागर, ग्वालियर और सिंगरौली में भी प्रदेश कार्यसमिति की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन ओरछा का आयोजन विशेष महत्व रखता है।
पद मिले या न मिले, कार्यकर्ता की भावना बनी रहे
हेमंत खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता की भावना केवल पद मिलने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पद मिलने से पहले, जिम्मेदारी संभालते समय और पद से हटने के बाद भी संगठन के लिए उसी भावना से काम करना चाहिए।उन्होंने कहा कि संगठन में कोई भी पद अधिकार से ज्यादा जिम्मेदारी है। इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता को मिली भूमिका का पूरी गंभीरता, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करना चाहिए।
ओरछा की मेहमाननवाजी को यादगार बनाने की तैयारी
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कार्यसमिति में 300 से 400 तक डेलिगेट्स के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में स्थानीय कार्यकर्ताओं को ऐसी मेहमाननवाजी करनी चाहिए कि यह आयोजन लंबे समय तक सभी के लिए यादगार बना रहे।उन्होंने कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि नए लोगों से परिचय बढ़ाने की चिंता करने के बजाय उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी पर पूरा ध्यान दें। उनका कहना था कि जब जिम्मेदारी बेहतर तरीके से निभाई जाती है तो पहचान और परिचय अपने आप बढ़ता है।
वरिष्ठ पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा
बैठक को लेकर भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि ओरछा पहुंच चुके हैं। इनमें प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और राहुल कोठारी, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, शैलेंद्र बरुआ और नंदिता पाठक, संभाग प्रभारी अभय प्रताप सिंह यादव, प्रदेश मंत्री अर्चना गुड्डू सिंह और लोकेंद्र पाराशर समेत कई नेता शामिल हैं।इसके अलावा जिला प्रभारी डॉ. दीपक सिंह भदौरिया, महाराणा प्रताप बोर्ड अध्यक्ष केशव सिंह भदौरिया, सहकारिता अध्यक्ष संजय नगाइच, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन, विधायक अनिल जैन और हरिशंकर खटीक, जिला अध्यक्ष राजेश पटेरिया, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी पवन दुबे सहित अन्य पदाधिकारी भी आयोजन में मौजूद रहेंगे।
अंगवस्त्र पहनाकर प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत
ओरछा पहुंचने पर भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश पटेरिया ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया। उनके आगमन के साथ ही स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी आयोजन को लेकर उत्साह दिखाई दिया।अब 30 और 31 अगस्त को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पर राजनीतिक और संगठनात्मक नजरें टिकी हैं। दो दिनों के इस मंथन में संगठन से जुड़े विषयों के साथ पार्टी की आगामी गतिविधियों और रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है।

