Uttarakhand Politics: देहरादून में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कई मुद्दों को राजनीतिक रूप देकर समाज में भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार रोजगार और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ काम कर रही है, लेकिन कांग्रेस को यह व्यवस्था रास नहीं आ रही।धामी ने कांग्रेस से कहा कि उसे जनता से जुड़े विकास, रोजगार और समान अवसर जैसे मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
राहुल गांधी की चुप्पी पर सीएम ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने कुछ नेताओं की कथित चुप्पी को लेकर राहुल गांधी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब किसी मौलाना की ओर से कथित तौर पर धमकी भरे बयान सामने आते हैं, तब राहुल गांधी की ओर से प्रतिक्रिया क्यों नहीं आती।धामी ने कहा कि देश में कानून का पालन सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति की ओर धमकी या आपत्तिजनक बयान दिए जाने पर राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख रखना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के कारण कुछ मामलों में चुप रहने का आरोप लगाया।
मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पुराने मुद्दे का किया जिक्र
सीएम धामी ने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उठे मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे को भी कांग्रेस के खिलाफ अपने तर्क का हिस्सा बनाया। उन्होंने सवाल किया कि उस समय कांग्रेस की ओर से उत्तराखंड में मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बात क्यों की गई थी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को रोजगार, विकास और युवाओं के लिए समान अवसर की जरूरत है। उनके अनुसार भाजपा सरकार सभी वर्गों के विकास को प्राथमिकता देते हुए सबका साथ, सबका विकास की नीति पर आगे बढ़ रही है।
भर्ती प्रक्रिया पर कांग्रेस को घेरा
रोजगार के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कई कदम उठाए हैं।धामी ने कहा कि युवाओं को किसी भेदभाव या भ्रष्टाचार के बिना योग्यता के आधार पर अवसर मिलना चाहिए। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें चयन प्रक्रिया निष्पक्ष हो और योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार पाने का उचित अवसर मिले।
हल्द्वानी के शुद्धीकरण विवाद पर भी दी प्रतिक्रिया
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के कथित शुद्धीकरण को लेकर चल रहे विवाद पर भी मुख्यमंत्री ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस मामले से भाजपा का कोई संबंध नहीं है।धामी ने कांग्रेस से इस आरोप को लेकर ठोस प्रमाण सामने रखने को कहा और आरोप लगाया कि पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक विवाद में बदलने का प्रयास कर रही है।
रामलीला मंच पर कथित नारेबाजी को लेकर सवाल
मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान रामलीला मंच पर लगाए गए कथित जेहाद संबंधी नारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि धार्मिक मंच का इस्तेमाल इस तरह की नारेबाजी के लिए क्यों किया गया।धामी ने कहा कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर होने वाले कार्यक्रमों में सामाजिक सौहार्द और मर्यादा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस के आंतरिक मतभेदों पर भी हमला
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास और संगठनात्मक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में आंतरिक मतभेद लंबे समय से रहे हैं और पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं को भी उचित सम्मान नहीं देती।इसके विपरीत धामी ने दावा किया कि भाजपा राष्ट्रहित और विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देकर राजनीति करती है।
धामी के बयान के बाद कांग्रेस के जवाब का इंतजार
मुख्यमंत्री के इन आरोपों के बाद उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। कांग्रेस पहले भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाती रही है, जबकि भाजपा कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाती है।अब धामी के ताजा हमले के बाद कांग्रेस की ओर से क्या जवाब आता है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।

