हरसामपुर। गांव तक पक्की सड़क नहीं होने की समस्या हरसामपुर के ग्रामीणों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। सामान्य दिनों में किसी तरह आवाजाही हो जाती है, लेकिन बारिश शुरू होते ही कच्चा रास्ता कीचड़ और फिसलन से भर जाता है। ऐसे में ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा का आवागमन भी मुश्किल हो जाता है।
सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है, जब किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना हो। ग्रामीणों का कहना है कि खराब रास्ते के कारण कई बार वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते और लोगों को मरीज को खाट पर लेकर मुख्य मार्ग तक जाना पड़ता है।
बारिश में रास्ते पर चलना भी बन जाता है जोखिम
ग्रामीणों के अनुसार, गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला रास्ता अभी भी पक्का नहीं है। बारिश के बाद जगह-जगह कीचड़ जमा होने से रास्ता बेहद फिसलन भरा हो जाता है। पैदल चलने वालों के साथ दोपहिया और चार पहिया वाहनों को भी परेशानी होती है।
ग्रामीणों का दावा है कि खराब रास्ते के कारण कई बार लोग फिसलकर गिर चुके हैं। बारिश के दिनों में गांव से बाहर निकलना और बाहर से गांव तक पहुंचना दोनों ही कठिन हो जाता है।
मरीजों और गर्भवती महिलाओं के सामने सबसे बड़ी मुश्किल
सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे गंभीर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब रास्ते के कारण जननी एक्सप्रेस और अन्य आपातकालीन वाहन कई बार गांव के भीतर तक नहीं पहुंच पाते।
ऐसी स्थिति में गर्भवती महिलाओं को परिवार के लोग पैदल या किसी दूसरे साधन से मुख्य सड़क तक ले जाने को मजबूर होते हैं। वहां से उन्हें एंबुलेंस या स्वास्थ्य वाहन उपलब्ध हो पाता है।
आपात स्थिति में खाट ही बनती है सहारा
ग्रामीणों के मुताबिक, अचानक किसी की तबीयत बिगड़ने या दुर्घटना होने पर समस्या और बढ़ जाती है। वाहन के गांव तक नहीं पहुंच पाने की स्थिति में लोग मरीज को खाट पर उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही यह समस्या केवल असुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि गंभीर परिस्थितियों में मरीज की जान के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती है।
बच्चों की पढ़ाई और रोजगार भी प्रभावित
सड़क की समस्या का असर गांव के बच्चों और कामकाजी लोगों पर भी पड़ रहा है। बारिश के दिनों में कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना मुश्किल होने के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है।
वहीं रोजगार और अन्य जरूरी कामों के लिए गांव से बाहर जाने वाले लोगों को भी रोजाना खराब रास्ते की समस्या झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों का मानना है कि पक्की सड़क बनने से आवागमन आसान होने के साथ गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी बेहतर होगी।
कई बार मांग के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
लोग अब अस्थायी मरम्मत के बजाय ऐसी पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, जो बारिश के दौरान भी आवागमन को सुरक्षित बनाए रखे।
ग्रामीणों को अब कार्रवाई का इंतजार
हरसामपुर के ग्रामीणों के लिए सड़क सिर्फ आवागमन की सुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी बुनियादी जरूरत है। हर बारिश में सामने आने वाली मुश्किलों के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि वर्षों पुरानी मांग पर प्रशासन कब ठोस कदम उठाता है और हरसामपुर को कीचड़ भरे रास्तों की इस समस्या से कब स्थायी राहत मिलती है।

