लखनऊ। पंजाब नेशनल बैंक की सोफिया मार्केट शाखा के करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में कथित नकली नोट मिलने से बैंकिंग विभाग में हड़कंप मच गया है। नियमित ऑडिट के दौरान सामने आए इस मामले में पहले करीब 7 करोड़ रुपये की संदिग्ध नकली करेंसी मिलने की जानकारी आई थी, लेकिन जांच और सत्यापन आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा करीब 17 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रबंधन ने तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही नकली नोट करेंसी चेस्ट तक पहुंचने के पूरे रास्ते और इसमें संभावित जिम्मेदार लोगों की जांच शुरू कर दी गई है।
नियमित ऑडिट में खुली बड़ी गड़बड़ी
सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी शाखा के करेंसी चेस्ट की जांच के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध नोट मिलने की जानकारी सामने आई। करेंसी चेस्ट बैंकिंग व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जहां बड़ी मात्रा में नकदी रखी जाती है और जरूरत के अनुसार विभिन्न शाखाओं को नकदी उपलब्ध कराई जाती है।
ऑडिट टीम ने नोटों की जांच और सत्यापन के दौरान कथित नकली करेंसी की पहचान की। शुरुआत में सामने आई रकम कम थी, लेकिन आगे की पड़ताल के बाद इसकी मात्रा बढ़ने की बात कही जा रही है।
तीन अधिकारियों पर गिरी गाज
जांच के दौरान बैंक के तीन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे, जिसके बाद प्रबंधन ने उन्हें निलंबित कर दिया। मामले में पीएनबी के मुख्य प्रबंधक और जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में कथित नकली नोट बैंक के करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और नकदी की जांच प्रक्रिया में कहां चूक हुई।
नकली नोटों के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
जांच का सबसे अहम पहलू नकली करेंसी के स्रोत का पता लगाना है। पुलिस और बैंक अधिकारी बैंक रिकॉर्ड, नकदी के लेनदेन और संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारियों की जांच कर रहे हैं।
इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि मामला किसी बाहरी गिरोह से जुड़ा है या बैंक की आंतरिक व्यवस्था में लापरवाही अथवा किसी अन्य स्तर पर गड़बड़ी हुई।
कम नकदी मिलने का अलग मामला भी आया सामने
जांच के दौरान करेंसी चेस्ट में नकदी की कमी का एक अन्य मामला भी सामने आने की बात कही गई है। इस संबंध में एक पार्ट टाइम हाउस कीपर के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कराया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकदी में कमी कैसे हुई और इसके पीछे किसकी भूमिका हो सकती है।
बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
करेंसी चेस्ट में इतनी बड़ी रकम के कथित नकली नोट मिलने से बैंकिंग सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बैंक में नकदी के रखरखाव और वितरण से पहले कई स्तरों पर जांच की व्यवस्था होती है।
ऐसे में शुरुआती स्तर पर नोटों की पहचान क्यों नहीं हो सकी, यह जांच का महत्वपूर्ण विषय बन गया है। बैंक ने आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों व रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल बैंक और जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही नकली नोटों की वास्तविक मात्रा, उनके स्रोत और संभावित जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
17 करोड़ रुपये तक की कथित नकली करेंसी का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पूरे नेटवर्क और नकदी के करेंसी चेस्ट तक पहुंचने की प्रक्रिया की परतें खोलना है।

