शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और दुष्कर्म के आरोपी गुरिंदर सिंह उर्फ गुरी चहल की रिहाई को लेकर कथित लेनदेन से जुड़ी WhatsApp बातचीत की वीडियो क्लिप सार्वजनिक की। मजीठिया का दावा है कि इस बातचीत में सिमरनजीत सिंह हुंदल की आवाज सुनाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित तौर पर मामले को खत्म कराने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग से जुड़ी बातचीत हुई थी।
हुंदल ने आरोपों से किया किनारा
विवाद में नाम आने के बाद मोहाली निवासी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और प्रॉपर्टी डीलर सिमरनजीत सिंह हुंदल ने खुद को पूरे मामले से अलग बताया है। उनका कहना है कि वह मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर से कभी नहीं मिले और न ही उन्होंने किसी मामले में रिश्वत की पेशकश की है।हुंदल ने नेताओं पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक लाभ के लिए उनका नाम इस विवाद में ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेता चाहें तो राजनीति करें, लेकिन उन्हें बेवजह इस मामले में घसीटना बंद करना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
मजीठिया ने CM की पत्नी के रिश्तेदार से जोड़ा मामला
मजीठिया का आरोप है कि कथित बातचीत में शामिल एक बिचौलिया मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी के रिश्तेदार से जुड़ा हुआ है। SAD नेता ने दावा किया कि इसी माध्यम से दुष्कर्म मामले और पुलिस से संबंधित अन्य शिकायतों को निपटाने के लिए कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की मांग की गई।मजीठिया ने पूरे प्रकरण की CBI जांच कराने की मांग की है। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कथित WhatsApp क्लिप भी सामने रखी और सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए।
AAP ने आरोपों को बताया राजनीतिक ड्रामा
सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने SAD के आरोपों को खारिज कर दिया है। AAP नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने अकाली दल पर छोटी राजनीति करने और मनगढ़ंत कहानी तैयार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास आरोपों से जुड़े ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
राज्यपाल से CBI जांच की मांग की तैयारी
इसी बीच SAD का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात करने पहुंचने वाला था। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया, महेश इंदर सिंह ग्रेवाल, डॉ. दलजीत सिंह चीमा और सिकंदर सिंह मलुका शामिल हैं। पार्टी मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित बड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की उच्चस्तरीय CBI जांच की मांग कर रही है।
NHRC ने भी मांगा जवाब
मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एंट्री से विवाद और गंभीर हो गया है। NHRC ने दुष्कर्म मामले को दबाने के लिए कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की मांग किए जाने संबंधी शिकायत पर पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है।इस पूरे विवाद के बीच अब आरोप, कथित WhatsApp बातचीत और उससे जुड़े लोगों के बयानों को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। मजीठिया जहां CBI जांच पर जोर दे रहे हैं, वहीं AAP इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बता रही है और हुंदल ने भी खुद को मामले से अलग कर लिया है।

