Champions Trophy: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने श्रीलंका से पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी छीन ली है. रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीलंका की एक गलती से उसे कम से कम 20 मिलियम अमेरिकी डॉलर (लगभग 188 करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है. फरवरी 2027 में होने वाले इस आईसीसी टूर्नामेंट में 6 टीमें हिस्से लेंगी. इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट के लिए भारत को नया मेजबान देश घोषित किया गया है.
श्रीलंका की एक गलती से हुआ करोड़ों का नुकसान!
महिला क्रिकेट इतिहास में सबसे पहले चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट का आयोजन भारत में होगा. पहले इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की मेजबानी श्रीलंका करने वाला था, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी दखल बढ़ने की वजह से आईसीसी ने उससे मेजबानी का हक छीन लिया है. बता दें, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के चुनाव बार-बार टाले जा रहे थे और बोर्ड के कामकाज को लेकर स्पष्टता और सरकारी हस्तक्षेप बढ़ने के कारण ही उन्हें मेजबानी गंवानी पड़ी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मेजबानी छीनने से श्रीलंका क्रिकेट को करीब 188 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ सकता है.
भारत को मिली मेजबानी
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी के मेजबान के रिप्लेसमेंट के तौर पर बांग्लादेश, भारत और साउथ अफ्रीका के नाम पर विचार किया था. आखिर में भारत के नाम पर मुहर लगाई गई. अब पहले महिला चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट का आयोजन भारत में होगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी छिन जाने से श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को करीब 20 मिलियम अमेरिकी डॉलर (लगभग 188 करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है.
पहले भी मेजबानी गंवा चुका है श्रीलंका
बता दें, यह पहला मौका नहीं है जब श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड से किसी बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी छीनी गई है. इससे पहले साल 2023 में आईसीसी ने ऐसा ही फैसला लेते हुए श्रीलंका से अंडर-19 मेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी छिन कर साउथ अफ्रीका को सौंप दी थी.

