Delhi News: दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी के तौर पर पहचान बताकर कथित धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। CBI ने असिस्टेंट डायरेक्टर, PMO की लिखित शिकायत के आधार पर रवि कांत शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि शर्मा ने WhatsApp के जरिए AIIMS के प्रोटोकॉल ऑफिसर से संपर्क किया और खुद को प्रधानमंत्री का ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी यानी OSD बताया।शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने AIIMS अधिकारी पर मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले मोहम्मद इमरान नाम के मरीज को दिल्ली AIIMS के इमरजेंसी विभाग में प्राथमिकता के आधार पर भर्ती कराने और इलाज उपलब्ध कराने का दबाव बनाया।
जांच में दूसरे मरीजों के मामलों में भी दखल का आरोप
शिकायत मिलने के बाद CBI ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान एजेंसी को पता चला कि आरोपी ने कथित तौर पर अन्य मरीजों के मामलों में भी इसी तरह प्रभाव का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी। FIR में कविता और अर्चना समेत अन्य मरीजों के इलाज में गैरकानूनी तरीके से हस्तक्षेप कराने के प्रयास का उल्लेख किया गया है।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
CBI की FIR के अनुसार, दक्षिण दिल्ली के संगम विहार निवासी रवि कांत शर्मा के खिलाफ प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 204 और 319 के साथ IT Act, 2000 की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है।धारा 204 सरकारी कर्मचारी का रूप धारण करने से संबंधित है, जबकि धारा 319 प्रतिरूपण के जरिए धोखाधड़ी से जुड़ी है। IT Act की धारा 66D कंप्यूटर या संचार उपकरण के माध्यम से प्रतिरूपण करके धोखाधड़ी करने से संबंधित है।
PMO के नाम के कथित गलत इस्तेमाल की जांच
पूरे मामले में अब CBI इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने PMO के नाम और पद का इस्तेमाल किस तरह किया, AIIMS अधिकारियों से संपर्क कैसे स्थापित किया और किन-किन मामलों में कथित तौर पर प्रभाव डालने का प्रयास किया। मामले में सामने आए डिजिटल संपर्क और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

