फिटनेस, मसल्स बनाने और वजन नियंत्रित करने के लिए हाई प्रोटीन डाइट का चलन तेजी से बढ़ा है। अंडे, चिकन, पनीर, दाल, सोया, प्रोटीन शेक और सप्लीमेंट्स के जरिए लोग रोजाना प्रोटीन की जरूरत पूरी करने की कोशिश करते हैं। लेकिन डाइट में प्रोटीन बढ़ाने के बाद कुछ लोगों को गैस, पेट फूलना, भारीपन और बदबूदार गैस जैसी परेशानियां होने लगती हैं।
ऐसा जरूरी नहीं कि हर बार इसकी वजह सिर्फ प्रोटीन हो। कई मामलों में अचानक डाइट बदलना, कम पानी या फाइबर लेना, किसी खास खाद्य पदार्थ को न पचा पाना या प्रोटीन पाउडर में मौजूद कुछ अतिरिक्त सामग्री भी इसकी वजह बन सकती है।
अचानक बढ़ा प्रोटीन क्यों बिगाड़ सकता है पाचन
अगर लंबे समय तक कम प्रोटीन लेने के बाद अचानक डाइट में इसकी मात्रा काफी बढ़ा दी जाए तो पाचन तंत्र को नए खानपान के अनुरूप ढलने में समय लग सकता है। इसी दौरान कुछ लोगों को गैस, ब्लोटिंग या पेट भारी होने की शिकायत हो सकती है।
कई बार समस्या प्रोटीन की मात्रा से ज्यादा उसके स्रोत की होती है। उदाहरण के लिए दूध आधारित प्रोटीन में मौजूद लैक्टोज कुछ लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। इसी तरह कुछ प्रोटीन पाउडर में मौजूद स्वीटनर और अन्य एडिटिव्स भी संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोगों में गैस बढ़ा सकते हैं।
प्रोटीन शेक पीने के बाद गैस क्यों बनती है
प्रोटीन शेक सुविधाजनक जरूर है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए हर प्रकार का प्रोटीन पाउडर समान रूप से उपयुक्त नहीं होता।
लैक्टोज की समस्या: दूध से बने कुछ प्रोटीन पाउडर में लैक्टोज होता है। जिन लोगों को लैक्टोज पचाने में परेशानी होती है, उन्हें इससे गैस, पेट फूलना या असहजता हो सकती है।
आर्टिफिशियल स्वीटनर: कुछ सप्लीमेंट्स में शुगर अल्कोहल या अन्य स्वीटनर इस्तेमाल किए जाते हैं। ये कुछ लोगों के पाचन तंत्र में किण्वित होकर गैस और ब्लोटिंग बढ़ा सकते हैं।
बहुत ज्यादा मात्रा: शरीर को बिना समय दिए अचानक प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने पर भी पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।
इन प्रोटीन फूड्स से कुछ लोगों को हो सकती है ज्यादा गैस
हर व्यक्ति की पाचन क्षमता अलग होती है। इसलिए जिस खाद्य पदार्थ से एक व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं होती, वही दूसरे के लिए गैस या पेट फूलने की वजह बन सकता है।
दाल और बीन्स
दाल और बीन्स प्रोटीन के साथ फाइबर भी प्रदान करते हैं। इनमें मौजूद कुछ कार्बोहाइड्रेट बड़ी आंत तक पहुंचकर वहां मौजूद बैक्टीरिया द्वारा टूटते हैं। इस प्रक्रिया में गैस बन सकती है।
अंडे
अंडे प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं, लेकिन इनमें मौजूद सल्फर युक्त यौगिक कुछ लोगों में गैस की गंध को अधिक तेज कर सकते हैं। यह जरूरी नहीं कि अंडे सभी लोगों में ऐसी समस्या पैदा करें।
दूध और डेयरी उत्पाद
दूध, पनीर और कुछ व्हे प्रोटीन उत्पाद लैक्टोज संवेदनशील लोगों में गैस, पेट दर्द या सूजन जैसी समस्या पैदा कर सकते हैं।
क्या जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेना फायदेमंद है
प्रोटीन शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व है। यह मांसपेशियों की मरम्मत, शारीरिक ताकत और लंबे समय तक पेट भरा रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन केवल प्रोटीन बढ़ाना ही संतुलित डाइट नहीं है।
अगर प्रोटीन बढ़ाते समय सब्जियां, फल, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी कम कर दिया जाए तो कब्ज, पेट भारी रहने और गैस जैसी समस्या बढ़ सकती है। इसलिए हाई प्रोटीन डाइट में बाकी पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।
गैस से राहत के लिए अपनाएं ये आसान बदलाव
प्रोटीन धीरे-धीरे बढ़ाएं
एकदम से डाइट में बहुत अधिक प्रोटीन शामिल करने के बजाय इसकी मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं। इससे शरीर को बदलाव के अनुसार ढलने का समय मिलेगा।
पानी की मात्रा पर ध्यान दें
प्रोटीन बढ़ाने के साथ पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। कम पानी लेने पर पाचन प्रभावित हो सकता है और पेट भारी या कब्ज जैसी समस्या महसूस हो सकती है।
फाइबर को नजरअंदाज न करें
सब्जियां, फल और साबुत अनाज डाइट में शामिल रखें। संतुलित मात्रा में फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी है और हाई प्रोटीन डाइट के दौरान होने वाली कब्ज की समस्या से बचने में मदद कर सकता है।
अपने लिए सही प्रोटीन स्रोत तलाशें
अगर किसी खास प्रोटीन पाउडर के सेवन के बाद लगातार गैस हो रही है तो उसके प्रकार और सामग्री की जांच करें। कुछ लोगों को कम लैक्टोज वाला व्हे या प्लांट बेस्ड प्रोटीन अपेक्षाकृत आसानी से पच सकता है।
खाने की रफ्तार कम करें
बहुत तेजी से खाने या पीने पर अतिरिक्त हवा पेट में जा सकती है। इससे डकार, गैस और ब्लोटिंग की समस्या बढ़ सकती है। भोजन को आराम से और अच्छी तरह चबाकर खाना बेहतर है।
कब इसे सामान्य डाइट समस्या मानकर नजरअंदाज न करें
सिर्फ हल्की गैस या कभी-कभार होने वाली ब्लोटिंग आम तौर पर खानपान से जुड़ी हो सकती है। लेकिन अगर इसके साथ लगातार पेट दर्द, दस्त, उल्टी, अचानक वजन कम होना या लंबे समय तक पाचन संबंधी परेशानी बनी रहती है तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
कई बार लगातार गैस की वजह केवल हाई प्रोटीन डाइट नहीं होती। किसी खाद्य पदार्थ के प्रति असहिष्णुता, एलर्जी या पाचन तंत्र से जुड़ी दूसरी समस्या भी इसका कारण हो सकती है।

