BJP TMC Clash Over Ad: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच एक सरकारी विज्ञापन ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की ओर से जारी विज्ञापन में मां दुर्गा का ऐसा चित्र इस्तेमाल किया गया, जिसमें उनके 11 हाथ दिखाई दे रहे हैं। पारंपरिक रूप से मां दुर्गा के दशभुजा स्वरूप की पूजा की जाती है। इसी वजह से विज्ञापन में दिखाई गई तस्वीर को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
पूजा समितियों की बैठक से जुड़ा था विज्ञापन
राज्य सरकार की ओर से सोमवार को जारी विज्ञापन आगामी दुर्गा पूजा को लेकर पूजा समितियों के साथ प्रस्तावित बैठक की जानकारी देने के लिए था। यह बैठक मिलन मेला में आयोजित की जानी है। इसमें मुख्यमंत्री की मौजूदगी की भी संभावना है।
विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मां दुर्गा के चित्र को लेकर बहस तेज हो गई। इसके बाद मामला राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया।
टीएमसी विधायक ने पूछा, 11 हाथों का आधार क्या
टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने विज्ञापन में इस्तेमाल तस्वीर को लेकर सवाल उठाया। उनका कहना है कि जब धार्मिक परंपरा में मां दुर्गा का प्रमुख स्वरूप दस भुजाओं वाला माना जाता है, तो सरकारी प्रचार सामग्री में 11 भुजाओं वाली तस्वीर क्यों दिखाई गई।
उन्होंने सरकार से यह भी सवाल किया कि देवी के इस चित्र का आधार किस धार्मिक ग्रंथ या शास्त्रीय परंपरा में मिलता है।
सीपीएम ने भी सरकार को घेरा
सीपीएम नेता शतरूप घोष ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने देवी दुर्गा के पारंपरिक स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि असुर के खिलाफ युद्ध के लिए देवताओं ने उन्हें अलग-अलग अस्त्र दिए थे। ऐसे में विज्ञापन में देवी के हाथों की संख्या बढ़ाए जाने पर उन्होंने सरकार पर व्यंग्य किया।
बीजेपी ने कहा, गलती है तो सुधार हो सकता है
विवाद पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने अलग रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि मां दुर्गा को अधिक शक्तिशाली दिखाया गया है तो इसे सकारात्मक रूप में भी देखा जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने संबंधित विज्ञापन अभी देखा नहीं है।
उनका कहना था कि यदि तस्वीर किसी विज्ञापन एजेंसी की गलती से तैयार हुई है तो उसमें सुधार किया जा सकता है। बीजेपी नेता ने इस मामले को राजनीतिक विवाद का रूप नहीं देने की बात भी कही।

