Nagaon Lok Sabha Bypoll: असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान होते ही राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने सोमवार को उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया। यह सीट कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रद्युब बोरदोलोई के लोकसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। खास बात यह है कि बोरदोलोई अब कांग्रेस में नहीं हैं, बल्कि विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल होकर दिसपुर सीट से विधायक बन चुके हैं।
6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को आएगा परिणाम
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नगांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। चुनाव की अधिसूचना 9 सितंबर को जारी होगी, जबकि उम्मीदवार 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।नगांव संसदीय क्षेत्र PC-9 की मतदाता सूची इस साल 10 फरवरी को अंतिम रूप से प्रकाशित की जा चुकी है। चुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर EVM और VVPAT का इस्तेमाल किया जाएगा।
कांग्रेस छोड़कर BJP में गए बोरदोलोई, फिर खाली हुई सीट
प्रद्युब बोरदोलोई नगांव से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में उनकी गिनती होती थी। असम विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले मार्च में उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया और सत्तारूढ़ दल के टिकट पर दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा।बोरदोलोई ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसी वजह से नगांव सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनी है।
कांग्रेस के सामने पुरानी सीट बचाने की चुनौती
नगांव उपचुनाव कांग्रेस के लिए महज एक लोकसभा सीट का मुकाबला नहीं माना जा रहा है। बोरदोलोई के लंबे राजनीतिक जुड़ाव के कारण यह सीट कांग्रेस के लिए खास महत्व रखती है। अब पार्टी को अपने पुराने गढ़ को बचाने के लिए नए चेहरे और मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतरना होगा।दूसरी ओर, विधानसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करने वाली बीजेपी इस उपचुनाव के जरिए असम में अपनी राजनीतिक बढ़त को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी। ऐसे में नगांव का परिणाम दोनों दलों के लिए राजनीतिक संदेश देने वाला साबित हो सकता है।
AIUDF ने बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किल
कांग्रेस के लिए मुकाबला इसलिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि AIUDF ने विपक्षी एकता के तहत कांग्रेस का समर्थन करने के बजाय अपना उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। इससे विपक्षी वोटों के बंटवारे की संभावना बढ़ गई है और चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो सकते हैं।अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस अपनी पुरानी सीट बचा पाती है या बीजेपी विधानसभा चुनाव के बाद एक और महत्वपूर्ण चुनावी बढ़त हासिल करती है। 6 अक्टूबर का मतदान और 9 अक्टूबर का परिणाम असम की आगे की राजनीति के लिए अहम संकेत दे सकता है।

