इंदौर : सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। DRP लाइन चौराहे के पास सड़क किनारे खड़ा करीब 70 साल पुराना विशाल पेड़ अचानक एक कार पर जा गिरा। कार में सवार 75 वर्षीय राधा देवी सिंगी गंभीर रूप से दब गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वह मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद परिवार के साथ घर लौट रही थीं।
कार में चार लोग सवार थे, अचानक मच गई चीख पुकार
हादसा शाम करीब 4.30 बजे हुआ। राधा देवी के साथ कार में उनके पोते प्रखर सिंगी, वैशाली जायसवाल और ड्राइवर मुकेश पालीवाल मौजूद थे। अचानक पेड़ का भारी हिस्सा कार के ऊपर गिर गया। राधा देवी का सिर और गर्दन पेड़ के नीचे दब गए, जिससे उनकी जान नहीं बच सकी। बाकी लोगों को चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
भारी तने ने बढ़ाई मुश्किल, करीब सवा घंटे चला बचाव अभियान
पेड़ इतना भारी था कि हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग उसे हटाने में सफल नहीं हो सके। इसके बाद नगर निगम की टीम को मौके पर बुलाया गया। कटर की सहायता से पेड़ को हिस्सों में काटकर हटाने का काम शुरू हुआ। करीब सवा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद राधा देवी का शव कार से बाहर निकाला जा सका। इस दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही।
अगर पहले ही कार्रवाई होती तो टल सकता था हादसा? अब उठ रहे सवाल
हादसे के बाद आसपास के लोगों ने पेड़ की हालत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रहवासियों का दावा है कि यह पेड़ काफी समय से कमजोर नजर आ रहा था और इसकी शिकायत नगर निगम के कंट्रोल रूम तक की गई थी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि पेड़ की स्थिति पहले से खतरनाक थी तो उसकी जांच और कटाई या छंटाई को लेकर समय पर कदम क्यों नहीं उठाया गया।
मां के हादसे की खबर मिलते ही बैठक छोड़कर मौके पर पहुंचीं डिप्टी कलेक्टर
जिस समय हादसा हुआ, डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंगी संभागायुक्त भास्कर लक्षकार की बैठक में मौजूद थीं। हादसे की सूचना मिलते ही वह तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। घटना की जानकारी मिलने के बाद संभागायुक्त ने भी बैठक निरस्त कर पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों को मौके पर भेजा।
परिवार ने राहत कार्य में देरी पर उठाए सवाल
परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद नगर निगम की जेसीबी और कटर टीम को मौके पर पहुंचने में काफी समय लगा। इस दौरान स्थानीय लोगों ने खुद पेड़ हटाने की कोशिश की, लेकिन भारी तने के कारण वे सफल नहीं हो सके। हादसे ने एक बार फिर शहर में सड़क किनारे खड़े पुराने और कमजोर पेड़ों की नियमित जांच तथा समय रहते कार्रवाई की जरूरत को सामने ला दिया है।

