रीवा में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के निज निवास में प्रदर्शनकारियों के प्रवेश का मामला अब राजनीतिक विवाद से आगे बढ़कर कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग कथित तौर पर निज निवास के अंदर स्थित कार्यालय तक पहुंच गए थे। वहां हंगामा और तोड़फोड़ किए जाने के आरोप के बाद पुलिस ने करीब 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
कार्यालय में घुसने और कुर्सियां तोड़ने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी परिसर के भीतर पहुंच गए। उपमुख्यमंत्री के परिवार और स्टाफ की ओर से आरोप लगाया गया है कि कार्यालय में घुसकर हंगामा किया गया और वहां रखी कई कुर्सियों को नुकसान पहुंचाया गया। घटना के कुछ वीडियो भी सामने आने की बात कही गई है, जिनके आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
चेहरा ढककर पहुंचे लोगों पर गंभीर आरोप
परिवार और कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ लोग चेहरे ढककर अंदर आए थे और उनके पास काले रंग का स्प्रे था। आरोप लगाया गया कि स्प्रे को वहां मौजूद लोगों की आंखों में डालने की कोशिश की गई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से निज निवास में मौजूद कर्मचारी और स्टाफ घबरा गए।
गाली-गलौज के आरोपों से कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
घटना के दौरान अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि इस घटना के बाद उन्हें सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। कुछ कर्मचारियों ने काम पर आने के दौरान भी असुरक्षित महसूस होने की बात कही है।
बीजेपी कार्यकर्ता पहुंचे IG कार्यालय, सख्त कार्रवाई की मांग
मामले के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक IG कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से प्रदर्शन की आड़ में कथित उपद्रव करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। बीजेपी नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी के निजी आवास में प्रवेश, तोड़फोड़ या कर्मचारियों के साथ अभद्रता को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
करीब 20 लोगों पर केस, अब वीडियो से खुलेगा पूरा घटनाक्रम
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने करीब 20 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। अब CCTV फुटेज, सामने आए वीडियो और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परिसर के भीतर कौन-कौन पहुंचा और वहां वास्तव में क्या हुआ।
राजनीतिक आरोपों के बीच अब जांच पर टिकी नजर
घटना के बाद रीवा में कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदर्शन को जनहित के मुद्दों से जुड़ा बता रही है, जबकि बीजेपी इसे कानून-व्यवस्था और निजी परिसर की मर्यादा से जुड़ा मामला बता रही है। अब पुलिस जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों से तय होगा कि इस मामले में आगे किन लोगों पर कार्रवाई होती है।

