Ganesh Chaturthi 2026: देहरादून में आज गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने के लिए शहर में घरों से लेकर मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों तक विशेष तैयारियां की गई हैं। सुबह से ही श्रद्धालु गणपति बप्पा के स्वागत में जुटे हैं और पूजा स्थलों को सजाया गया है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन शुभ समय में भगवान गणेश की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और शुभता का आगमन होता है। इस बार देहरादून में गणपति स्थापना के लिए करीब 2 घंटे 15 मिनट का विशेष शुभ समय बताया गया है।
मध्याह्न काल में गणपति स्थापना को माना गया शुभ
गणेश चतुर्थी हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाई जाती है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देव माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणपति पूजन करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार देहरादून में गणपति प्रतिमा स्थापना के लिए मध्याह्न काल को विशेष महत्व दिया गया है। इस दौरान श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। हालांकि अलग-अलग पंचांग और स्थानीय सूर्योदय के आधार पर समय में थोड़ा अंतर संभव है। ऐसे में अंतिम समय तय करने से पहले स्थानीय पंचांग या किसी विद्वान से पुष्टि करना उचित रहेगा।
ऐसे करें भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित
गणपति स्थापना से पहले पूजा स्थल और पूरे घर की साफ-सफाई करना शुभ माना जाता है। इसके बाद पूजा के लिए ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में स्थान तैयार किया जा सकता है।
एक साफ चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद कलश स्थापित कर गणपति का ध्यान और पूजन शुरू करें। भगवान गणेश को सिंदूर, अक्षत, फूल और दूर्वा अर्पित करें। पूजा स्थल पर दीपक और धूप जलाकर गणपति मंत्रों का जाप करें।
पूजा के अंत में परिवार के सदस्यों के साथ भगवान गणेश की आरती करें। गणपति को मोदक और लड्डू प्रिय माने जाते हैं, इसलिए पूजा के दौरान इनका भोग भी लगाया जा सकता है।
प्रतिमा रखते समय इन बातों का रखें ध्यान
घर में गणपति की स्थापना करते समय परिवार की परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा को प्राथमिकता दी जा सकती है।
प्रतिमा स्थापित होने के बाद गणपति की नियमित पूजा और सुबह-शाम आरती करने की परंपरा है। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या दस दिन तक भगवान गणेश को घर में विराजमान रखते हैं।
इसके बाद विधि-विधान से गणपति विसर्जन किया जाता है। विसर्जन के दौरान श्रद्धालु अगले वर्ष भगवान गणेश के फिर आगमन की कामना करते हुए विदाई देते हैं।
देहरादून में उत्सव का माहौल, पंडालों में विशेष आयोजन
गणेश चतुर्थी को लेकर देहरादून में उत्सव का माहौल बना हुआ है। घरों के अलावा मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में भी भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालु भजन और आरती के साथ गणपति बप्पा की आराधना कर रहे हैं।
शहर के कई इलाकों में गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा है। अगले कई दिनों तक गणेशोत्सव के दौरान पूजा, आरती और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।

