दिल्ली-NCR के गुरुग्राम में महिला बाइकर सिया को कार से टक्कर मारने के मामले में पुलिस ने आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से गिरफ्तार कर लिया है। गोल्फ कोर्स रोड पर हुई इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की थी। CCTV फुटेज के विस्तृत विश्लेषण के बाद FIR में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप भी जोड़ा गया है।
CCTV फुटेज की जांच के बाद बदली जांच की दिशा
गुरुग्राम पुलिस ने वायरल वीडियो का स्वत: संज्ञान लेते हुए सेक्टर 56 थाने में मामला दर्ज किया था। शुरुआती तौर पर तेज और लापरवाही से वाहन चलाने तथा लोगों की जान को खतरे में डालने से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज हुआ था। बाद में CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी गई। धारा 109 में दोष सिद्ध होने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
दौसा से पकड़ा गया आरोपी, गुरुग्राम लाने की तैयारी
पुलिस के मुताबिक कल्याण बैंसला घटना के बाद राजस्थान की ओर चला गया था। पुलिस टीमों ने उसकी तलाश करते हुए उसे दौसा के आसपास से गिरफ्तार किया। उसके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपी को गुरुग्राम लाकर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
सिया के बयान के बाद छेड़छाड़ और पीछा करने से जुड़ी धाराएं भी जांच में
जांच के दौरान महिला बाइकर का विस्तृत बयान भी दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, उसके बयान के आधार पर BNS की धारा 78 और 79 भी जोड़ी गई हैं, जिनका संबंध पीछा करने और महिला की गरिमा का अपमान करने वाले शब्द, इशारे या व्यवहार से है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध वीडियो, CCTV और बयान समेत सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
आरोपी पक्ष ने घटना को बताया हादसा
वहीं, कल्याण बैंसला की ओर से पेश वकील ने हत्या के प्रयास के आरोपों से इनकार किया है। बचाव पक्ष का दावा है कि कार और बाइक के बीच टक्कर हादसे के कारण हुई और आरोपी का महिला बाइकर को जानबूझकर टक्कर मारने का इरादा नहीं था। आरोपी पक्ष ने यह भी कहा कि बाइक सवारों और कार चालक के बीच सड़क पर विवाद जैसी स्थिति बनी थी।
पुलिस ने कहा- जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उससे पूछताछ कर घटना की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट करने का प्रयास करेगी। मामले में जो भी तथ्य जांच में सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

