इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने अपने संबोधन में मध्य प्रदेश में लंबे समय तक रही कांग्रेस सरकार के कार्यकाल और मौजूदा बजट के बीच तुलना करते हुए सवाल उठाए।
CM मोहन यादव ने कांग्रेस के पुराने शासन पर उठाए सवाल
भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मेधावी छात्रों को स्कूटी वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 1956 में मध्य प्रदेश बनने के बाद साल 2002-03 तक कांग्रेस की सरकार रही और अब उसी दौर के लोग विद्यार्थियों के हित की बात करने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी खुद तय कर सकते हैं कि किसने उनके लिए क्या काम किया है। उन्होंने अपने संबोधन में कांग्रेस के लंबे शासनकाल और राज्य के वर्तमान बजट का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि उस समय प्रदेश का कुल बजट करीब 22 हजार करोड़ रुपये था, जबकि आज मध्य प्रदेश का बजट 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपये है।
नारी शक्ति वंदन कानून का भी किया जिक्र
राहुल गांधी के छात्र कार्यक्रम के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से जुड़े राजनीतिक मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने नारी शक्ति वंदन कानून को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाया और कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी से जुड़े विषयों पर भी कांग्रेस को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कर्नाटक में महिला मंत्रियों की संख्या को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाया। ये सभी बातें उन्होंने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान कही।
इंदौर में आज होगा राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम
राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर के रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। यह इस कार्यक्रम का पांचवां संस्करण है। इससे पहले इसका आयोजन कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में हो चुका है। कार्यक्रम का घोषित फोकस छात्रों की शिक्षा, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संवाद करना है।
कार्यक्रम के लिए सुरक्षा की 31 शर्तें
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर इंदौर पुलिस ने आयोजकों के सामने 31 शर्तें रखी हैं। इनमें सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, प्रवेश और निकासी, मंच की व्यवस्था, निगरानी और आपातकालीन स्थिति से निपटने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। पुलिस ने आयोजन से जुड़ी सुरक्षा तैयारियों के तहत विस्तृत जानकारी भी मांगी है।
कार्यक्रम स्थल को लेकर भी बदला गया था प्लान
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का प्रस्ताव था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद आयोजन स्थल को रीजनल पार्क के सामने स्थित IDA की जमीन पर स्थानांतरित किया गया। IDA ने 17 से 19 सितंबर के लिए करीब 12 हजार वर्ग मीटर जमीन अस्थायी लीज पर दी थी।
कार्यक्रम से पहले जमीन के निर्धारित समय से पहले इस्तेमाल को लेकर IDA ने कांग्रेस से 4.03 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान की मांग भी की थी। इस मुद्दे पर कांग्रेस और प्रशासन के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आए।
राहुल गांधी के दौरे से पहले सियासी माहौल गरम
एक ओर कांग्रेस कार्यक्रम को छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद के तौर पर पेश कर रही है, वहीं भाजपा नेता इसे लेकर लगातार राजनीतिक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने से पहले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है।

