रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत आर्थिक सहायता दी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ ने ‘राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना’ के तहत 174 प्रकरणों में कुल 2 करोड़ 40 लाख 10 हजार रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से भेजी।
यह राशि अलग अलग परिस्थितियों और आयु वर्ग के आधार पर पात्र परिवारों को दी गई है। योजना का उद्देश्य संकट की स्थिति में तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
लघु वनोपज संघ के कार्यालय से शुरू हुआ डिजिटल भुगतान
राशि अंतरण का कार्यक्रम राज्य लघु वनोपज संघ के मुख्य कार्यालय में आयोजित किया गया। इस दौरान संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा और प्रबंध संचालक संजीता गुप्ता समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया के तहत रायगढ़ जिले की चिमटापानी समिति से जुड़े मिथिलेश सिदार और दंतेवाड़ा जिले की नकुलनार समिति के गल्ले वीटी के बैंक खातों में सहायता राशि भेजकर प्रक्रिया की शुरुआत की गई।
174 प्रकरणों में इस तरह बांटी गई सहायता राशि
योजना के तहत अलग अलग श्रेणियों में पात्र हितग्राहियों को सहायता दी गई है।
- 4 लाख रुपये: दुर्घटना में मृत्यु के 4 प्रकरण
- 2 लाख रुपये: सामान्य मृत्यु या स्थायी विकलांगता के 103 प्रकरण
- 75 हजार रुपये: 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में दुर्घटना मृत्यु या स्थायी विकलांगता के 4 प्रकरण
- 30 हजार रुपये: 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में सामान्य मृत्यु के 58 प्रकरण
18 से 50 वर्ष के लिए क्या है सहायता का प्रावधान
योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की आयु वाले तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए अलग अलग परिस्थितियों में आर्थिक सहायता निर्धारित है। परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये दिए जाते हैं।
वहीं दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है।
50 से 59 वर्ष की आयु में भी मिलती है आर्थिक सहायता
50 से 59 वर्ष आयु वर्ग के लिए भी योजना में अलग सहायता राशि तय की गई है। सामान्य मृत्यु की स्थिति में 30 हजार रुपये, जबकि दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 75 हजार रुपये की सहायता दी जाती है।
आंशिक विकलांगता की स्थिति में 37 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
संकट के समय परिवारों के लिए आर्थिक सहारा
राज्य लघु वनोपज संघ के माध्यम से संचालित इस योजना के तहत सहायता राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे पात्र परिवारों को सहायता प्राप्त करने के लिए अनावश्यक प्रक्रिया से बचने में मदद मिलती है।
योजना के जरिए मृत्यु या विकलांगता जैसी परिस्थितियों में प्रभावित तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को आर्थिक सहारा देने का प्रावधान किया गया है।

