भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और बड़ा कदम जुड़ गया है। केंद्र सरकार ने चंद्रयान मिशन-4 को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसरो अब 2027 में इस मिशन को लॉन्च करेगा। इसरो का यह अगला चंद्र मिशन चंद्रमा की सतह पर और गहराई से वैज्ञानिक अध्ययन के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही भारत ने 2035 तक अपना स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने का भी विस्तृत रोडमैप जारी किया है।
चंद्रयान-4: 2027 में उड़ान
इसरो का कहना है कि चंद्रयान-4 तकनीक और वैज्ञानिक उपकरणों के मामले में पिछले मिशनों की तुलना में अधिक उन्नत होगा। इसका उद्देश्य चंद्रमा की सतह के कम अध्ययन किए गए क्षेत्रों का विश्लेषण करना और नए वैज्ञानिक डेटा जुटाना है। इस मिशन में रोवर और ऑर्बिटर दोनों शामिल होंगे, जो चंद्र सतह की संरचना, जल-तत्वों और खनिजों पर और गहन जांच करेंगे। 2035 तक भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन इसरो ने बताया कि 2035 तक भारत पूरी तरह से भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Space Station) तैयार कर लेगा। यह स्टेशन पृथ्वी की निम्न कक्षा (Low Earth Orbit) में स्थापित होगा, जहां वैज्ञानिक दीर्घकालिक प्रयोग, माइक्रोग्रैविटी रिसर्च और अंतरिक्ष चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण परीक्षण कर सकेंगे। यह परियोजना भारत को अंतरिक्ष अनुसंधान में अग्रणी देशों की सूची में मजबूती से स्थापित करेगी।
NDA की बिहार में चौंकाने वाली जीत: नीतीश कुमार की विश्वसनीयता पर उठे सवालों का मिला करारा जवाब
ISRO का दीर्घकालिक रोडमैप
इसरो आने वाले वर्षों में कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम कर रहा है—
-
मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ का पहला मानवयुक्त प्रक्षेपण 2025-26 तक
-
वीना मिशन और मंगलयान-2 की तैयारी
-
सौर और ग्रहों का गहन अध्ययन करने वाले नए मिशन
-
निजी कंपनियों के साथ साझेदारी बढ़ाकर स्पेस टेक सेक्टर को मजबूत करना
क्यों खास है चंद्रयान-4?
चंद्रयान-3 की सफलता के बाद दुनिया की नजरें भारत पर थीं। अब चंद्रयान-4 भारत की वैज्ञानिक क्षमता को और आगे ले जाएगा। इस मिशन से—
-
चंद्रमा की सतह पर नई खोजें
-
भविष्य के मानव मिशन के लिए महत्वपूर्ण डेटा
-
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाएं
और मजबूत होंगी।
अंतरिक्ष महाशक्ति बनने की दिशा में भारत का कदम
भारत अब सिर्फ चंद्रमा और मंगल तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष में लंबे समय तक उपस्थिति सुनिश्चित करने की तैयारी कर चुका है। 2035 में अंतरिक्ष स्टेशन बन जाने के बाद भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा ऐसा देश होगा जिसके पास खुद का स्पेस स्टेशन होगा।