भोपाल। मध्य प्रदेश में फर्जी भारतीय पासपोर्ट तैयार कराने वाले नेटवर्क की जांच के बीच रायसेन से राहुल प्रकाश उर्फ नृत्या भंते को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। वह मूल रूप से भिंड का रहने वाला बताया जा रहा है और पूर्व में बहुजन संघर्ष दल का प्रदेश महासचिव रह चुका है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक एसटीएफ की ओर से इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।
पहचान बदलकर मठ में रहने की जानकारी
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, राहुल प्रकाश ने करीब तीन साल पहले अपनी पहचान बदलकर नृत्या भंते के नाम से बौद्ध मठ में रहना शुरू किया था। बताया जा रहा है कि उसने भोपाल के अशोक बुद्ध विहार के पते का इस्तेमाल कर दस्तावेज तैयार करवाए और वर्ष 2025 में इसी पते के आधार पर पासपोर्ट हासिल किया।
जांच एजेंसी अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि पासपोर्ट बनवाने के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और इन दस्तावेजों की व्यवस्था में कौन लोग शामिल थे।
थाईलैंड और म्यांमार की यात्रा भी जांच के दायरे में
रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल प्रकाश ने इसी पासपोर्ट के जरिए थाईलैंड और म्यांमार की यात्रा की थी। एसटीएफ अब पासपोर्ट में दर्ज जानकारी, विदेश यात्रा के रिकॉर्ड और उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि राहुल प्रकाश ने अपनी पहचान बदलकर भंते के रूप में रहना क्यों शुरू किया और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में उसे किस स्तर पर मदद मिली।
राजनीतिक गतिविधियों से मठ तक पहुंचने की कहानी
राहुल प्रकाश के बारे में सामने आई जानकारी के अनुसार, वह पहले बहुजन संघर्ष दल से जुड़ा था और प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी संभाल चुका है। रिपोर्टों में उसके दलित समाज से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रहने और आगे चुनावी राजनीति में आने की इच्छा का भी उल्लेख है।
अब एसटीएफ इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति ने बाद में मठ में रहकर नई पहचान क्यों अपनाई।
सात जिलों में 76 फर्जी पासपोर्ट की जानकारी
फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क की जांच में अब तक मध्य प्रदेश के सात जिलों से 76 संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट की जानकारी सामने आने की बात रिपोर्टों में कही गई है। इनमें भोपाल के पते से 40, डबरा क्षेत्र से 17 और बैतूल से 11 पासपोर्ट बनाए जाने की जानकारी बताई गई है।
एसटीएफ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही संदिग्ध भंतों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट तैयार कराने वाले लोगों की तलाश जारी है।

