चुनाव आयोग को लेकर विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के बीच भाजपा ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष के विरोध मार्च और कांग्रेस के आरोपों पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठाने का आरोप लगाया। विपक्ष के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने इसे ‘कामचोरों का शोर’ बताया। हालांकि ये शब्द सुधांशु त्रिवेदी की राजनीतिक टिप्पणी है, जिसे भाजपा के रुख के तौर पर देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस के आरोपों की लंबी सूची का दावा
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले कुछ समय में देश की कई महत्वपूर्ण संस्थाओं पर सवाल उठाए है। उन्होंने भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, सुरक्षा व्यवस्था, LIC, HAL, SBI, SEBI, वैक्सीन, न्यायपालिका और मीडिया का जिक्र करते हुए विपक्ष की राजनीति पर सवाल किया।
भाजपा सांसद ने कहा कि इस बात को लेकर एक क्विज किया जा सकता है कि कांग्रेस और खास तौर पर राहुल गांधी ने अब तक कितनी संस्थाओं पर आरोप लगाए है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने किसी भी संवैधानिक संस्था को नही छोड़ा है।
यह भाजपा की ओर से कांग्रेस पर किया गया राजनीतिक आरोप है। कांग्रेस की ओर से विभिन्न संस्थाओं को लेकर उठाए गए सवालों का संदर्भ अलग-अलग मुद्दों से जुड़ा रहा है।
राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर भी निशाना
सुधांशु त्रिवेदी की यह टिप्पणी उस समय सामने आई, जब राहुल गांधी और विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल लगातार उठाए जा रहे है।
भाजपा का कहना है कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर अनावश्यक सवाल खड़े कर रहा है, जबकि विपक्ष इन मुद्दों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जोड़कर उठा रहा है।
SIR को लेकर भाजपा ने पूछा सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा भी उठा। सुधांशु त्रिवेदी ने सवाल किया कि यदि अनुपस्थित, दूसरी जगह जा चुके, मृत या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बने रहते है, तो इसका लाभ किसे मिलना है।
उनका तर्क था कि मतदाता सूची की जांच और सुधार की प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले यह देखना जरूरी है कि सूची में वास्तविक मतदाताओं के नाम सही तरीके से दर्ज है या नही।
विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बढ़ी राजनीतिक तकरार
चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज हो रहा है। विपक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा इन आरोपों को लेकर कांग्रेस की मंशा पर सवाल कर रही है।
सुधांशु त्रिवेदी का बयान इसी राजनीतिक खींचतान का हिस्सा है। आने वाले दिनों में SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका से जुड़े मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
आरोपों के बीच असली मुद्दा मतदाता सूची की पारदर्शिता
पूरे विवाद का केंद्र मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता है। विपक्ष जहां सूची में संभावित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा संशोधन और सत्यापन की प्रक्रिया को जरूरी बता रही है।
ऐसे में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मुद्दा आगे भी चर्चा में रहने वाला है। फिलहाल सुधांशु त्रिवेदी के बयान ने चुनाव आयोग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तीखा कर दिया है।

