Rahul Priyanka Dharna Delhi: SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर INDIA ब्लॉक के सांसदों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों के 140 से अधिक सांसद संसद से भारत निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च के लिए निकले। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।मार्च के दौरान कई सांसद बैरिकेड पर चढ़ गए। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत कई नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
राहुल और प्रियंका समेत कई नेता धरने पर बैठे
पुलिस द्वारा आगे जाने से रोके जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने बैरिकेड के पास ही अपना विरोध जारी रखा। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ कई अन्य सांसद भी धरने में शामिल हुए।जानकारी के मुताबिक, इस दौरान किसी भी प्रमुख नेता को हिरासत में नही लिया गया था। प्रदर्शनकारियों की संख्या को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।
राहुल गांधी को गेट पर ही रोक दिया गया
राहुल गांधी आकाशवाणी के रास्ते चुनाव आयोग कार्यालय की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में लगे बैरिकेड के पास रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेता चुनाव आयोग कार्यालय से करीब 200 मीटर पहले ही धरने पर बैठ गए।आकाशवाणी भवन के पिछले गेट पर भी पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे, ताकि प्रदर्शनकारी आगे न बढ़ सके।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने अलग-अलग चुनावों का जिक्र करते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।अखिलेश ने 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों का संदर्भ देते हुए चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल और चंडीगढ़ के चुनावी विवाद का भी उल्लेख किया। ये आरोप अखिलेश यादव की राजनीतिक टिप्पणी है और संबंधित चुनावी मामलों में अलग-अलग स्तर पर विवाद तथा कानूनी प्रक्रियाएं भी रही है।
SIR बना विरोध का मुख्य मुद्दा
विपक्षी दलों के इस प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण है। विपक्ष मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है और चुनाव आयोग से इस पर स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है।वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के सत्यापन और संशोधन की प्रक्रिया को चुनावी व्यवस्था का हिस्सा बताया जाता रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस जारी है।
दिल्ली में 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बड़े स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए। मौके पर RAF यानी रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी तैनात किए गए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को लगाया गया।सुरक्षा व्यवस्था में पुरुष पुलिसकर्मियों की 27 कंपनियां और महिला पुलिसकर्मियों की 4 कंपनियां शामिल होने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शनकारियों की संख्या को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की।
विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच टकराव जारी
SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग के सामने अपनी आपत्ति दर्ज करा रहा है। दूसरी ओर, इस पूरे विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है।दिल्ली में हुआ यह प्रदर्शन इसी टकराव की अगली कड़ी है। फिलहाल राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं का धरना समाप्त होने तथा चुनाव आयोग की ओर से आगे की प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है।

