छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रविवार सुबह हुई मुठभेड़ में डीआरजी टीम ने 15 लाख के इनामी तीन कुख्यात माओवादियों को मार गिराया। यह मुठभेड़ भेज्जी–चिंतागुफा सीमा से लगे तुमालपाड़ जंगल में तब शुरू हुई, जब पुलिस को माओवादियों की गतिविधियों की विश्वसनीय सूचना मिली थी। मारे गए नक्सलियों में जनमिलिशिया कमांडर और कुख्यात स्नाइपर स्पेशलिस्ट माड़वी देवा, सीएनएम कमांडर पोड़ियम गंगी और किस्टाराम एरिया कमेटी सदस्य सोड़ी गंगी शामिल हैं। तीनों पर पांच–पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।
मुठभेड़ के दौरान सुबह से दोनों ओर से रुक–रुक कर गोलाबारी होती रही। क्षेत्र की सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों को तीनों माओवादियों के शव के साथ 303 राइफल, बैरल ग्रेनेड लांचर (BGL) और भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि माड़वी देवा निर्दोष ग्रामीणों की हत्या, कई हमलों की योजना और स्नाइपर हमलों का मुख्य आरोपी था। वह 9 जून को आईईडी धमाके में शहीद हुए एएसपी आकाश राव की शहादत का भी मास्टरमाइंड था।
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मुठभेड़ के बाद डीआरजी, सीआरपीएफ और बस्तर फाइटर्स की टीमों ने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। बस्तर रेंज के आईजीपी सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि बस्तर में माओवाद अब अपने अंतिम चरण में है। पिछले दो वर्षों में लगभग 450 माओवादियों के मारे जाने से संगठन की कमर टूट चुकी है, और अब कैडरों के पास हिंसा छोड़कर पुनर्वास नीति अपनाने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं है।