Close Menu
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
What's Hot

चक्रवात ‘मुरासु’ ने पार किया आंध्र तट, दोपहर तक घटेगी तूफान की तीव्रता

November 3, 2026

गुरु हर राय साहिब के ज्योति-जोत दिवस पर केंद्रीय मंत्री गडकरी समेत कई नेताओं ने किया नमन

November 3, 2026

सोमालिया के तट के पास भारतीय नौसेना ने समुद्री लुटेरों से मछली पकड़ने वाले जहाज को छुड़ाया

November 3, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
Home»ट्रेंडिंग न्यूज़»दिल्ली हाट में सजा ‘मिनी इंडिया’, खादी महोत्सव-2026 में 115 स्टॉलों पर दिखी स्वदेशी उत्पादों की विविधता, 15 अक्टूबर तक चलेगी प्रदर्शनी
ट्रेंडिंग न्यूज़

दिल्ली हाट में सजा ‘मिनी इंडिया’, खादी महोत्सव-2026 में 115 स्टॉलों पर दिखी स्वदेशी उत्पादों की विविधता, 15 अक्टूबर तक चलेगी प्रदर्शनी

Daily PinchBy Daily PinchOctober 9, 2026
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Oplus_16908288
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

राजधानी के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों को बढ़ावा देने तथा स्वदेशी उद्यमिता को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘खादी महोत्सव-2026’ के तहत विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज गोयल ने किया। 15 अक्टूबर 2026 तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में कुल 115 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें 48 स्टॉल खादी के हैं, जबकि शेष स्टॉल ग्रामोद्योग और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) से जुड़े उद्यमियों एवं कारीगरों के हैं। देश के विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों और उद्यमियों के उत्पादों ने दिल्ली हाट को ‘मिनी इंडिया’ का स्वरूप दे दिया है।

‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ का संदेश

उद्घाटन के अवसर पर केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि प्रदर्शनी का प्रमुख उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ के संदेश को आम लोगों और जेन-जी (Gen-Z) तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये देश के लाखों कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण उद्यमियों की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता की कहानी भी बयां करते हैं। प्रदर्शनी के माध्यम से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्प कौशल और स्वदेशी उद्यमिता को एक साझा मंच उपलब्ध कराया गया है।

स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर जोर

मनोज गोयल ने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र के व्यापक विस्तार के लिए स्थानीय उत्पादों की प्रभावी मार्केटिंग और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण स्वदेशी विकल्प उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने दिल्लीवासियों और राजधानी आने वाले पर्यटकों से प्रदर्शनी का भ्रमण करने, भारतीय कारीगरों के उत्पादों को देखने और खरीदारी के दौरान स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों की आय बढ़ाने के साथ देश की आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।

युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर

केवीआईसी अध्यक्ष ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें कौशल विकास, उद्यमिता, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने के लिए व्यापक व्यवस्था विकसित कर रही है। खादी और ग्रामोद्योग इस दिशा में ग्रामीण युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को बढ़ावा देने से पारंपरिक हुनर को संरक्षित करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।

दक्षिण भारत के रेशम और पारंपरिक बुनाई की झलक

प्रदर्शनी में देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की विशिष्ट वस्तुओं को एक ही स्थान पर देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है। दक्षिण भारत के कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल के प्रतिभागी खादी, रेशम और पारंपरिक वस्त्रों के उत्पाद लेकर पहुंचे हैं। कर्नाटक के रेशमी उत्पाद, तमिलनाडु की पारंपरिक बुनाई, आंध्र प्रदेश की कलमकारी कला, तेलंगाना की इकत परंपरा और केरल की पारंपरिक वस्त्र शिल्प शैली आगंतुकों को आकर्षित कर रही है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के हस्तशिल्प बने आकर्षण

पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल की मलमल और हथकरघा परंपरा, बिहार के रेशम एवं टसर उत्पाद और ओडिशा की पारंपरिक बुनाई व इकत कला प्रदर्शनी की शोभा बढ़ा रहे हैं। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के प्रतिभागी खादी, बांस और प्राकृतिक सामग्रियों से बने उत्पादों के साथ पहुंचे हैं। असम के पारंपरिक रेशमी वस्त्रों के अलावा पूर्वोत्तर के हस्तशिल्प और बांस से तैयार कलात्मक वस्तुएं भी लोगों का ध्यान खींच रही हैं।

उत्तर और पश्चिम भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन

प्रदर्शनी में गुजरात की पारंपरिक वस्त्र एवं हस्तशिल्प कला, राजस्थान के रंग-बिरंगे हस्तशिल्प और पारंपरिक प्रिंट, हिमाचल प्रदेश के ऊनी उत्पाद तथा उत्तर प्रदेश की पारंपरिक बुनाई और हस्तशिल्प को प्रदर्शित किया गया है। हरियाणा के ग्रामीण उत्पादों के साथ झारखंड और छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक एवं जनजातीय शिल्प भी यहां देखने को मिल रहे हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों ने खादी के कपड़े, रेशमी वस्त्र, हस्तशिल्प, प्राकृतिक उत्पाद, प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री, हर्बल उत्पाद और ग्रामोद्योग से जुड़ी वस्तुएं बिक्री के लिए उपलब्ध कराई हैं।

1.87 लाख करोड़ रुपए से अधिक पहुंचा क्षेत्र का कारोबार

मीडिया से बातचीत में मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और नीतियों के परिणामस्वरूप खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में इस क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा, जबकि इसके माध्यम से 2.04 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपए के कारोबार का लक्ष्य भी हासिल करेगा।

उद्घाटन समारोह में अधिकारियों और कारीगरों की भागीदारी

प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में केवीआईसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एमएसएमई मंत्रालय के संयुक्त सचिव (एआरआई), केवीआईसी के वित्तीय सलाहकार, अन्य अधिकारी-कर्मचारी, खादी संस्थानों के प्रतिनिधि और कारीगर शामिल हुए। प्रदर्शनी का उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के साथ देश की पारंपरिक कला, स्थानीय कौशल और ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है।


Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Daily Pinch

Related Posts

चक्रवात ‘मुरासु’ ने पार किया आंध्र तट, दोपहर तक घटेगी तूफान की तीव्रता

November 3, 2026

गुरु हर राय साहिब के ज्योति-जोत दिवस पर केंद्रीय मंत्री गडकरी समेत कई नेताओं ने किया नमन

November 3, 2026

सोमालिया के तट के पास भारतीय नौसेना ने समुद्री लुटेरों से मछली पकड़ने वाले जहाज को छुड़ाया

November 3, 2026

Latest News

ट्रेंडिंग न्यूज़

चक्रवात ‘मुरासु’ ने पार किया आंध्र तट, दोपहर तक घटेगी तूफान की तीव्रता

By Daily PinchNovember 3, 2026
ट्रेंडिंग न्यूज़

गुरु हर राय साहिब के ज्योति-जोत दिवस पर केंद्रीय मंत्री गडकरी समेत कई नेताओं ने किया नमन

By Daily PinchNovember 3, 2026
ट्रेंडिंग न्यूज़

सोमालिया के तट के पास भारतीय नौसेना ने समुद्री लुटेरों से मछली पकड़ने वाले जहाज को छुड़ाया

By Daily PinchNovember 3, 2026
ट्रेंडिंग न्यूज़

पुणे मेट्रो की पिंक लाइन में दिखेंगी दो खास पहल, महिला ऑपरेटर और सौर ऊर्जा पर जोर

By Daily PinchNovember 3, 2026
About Us
About Us

Daily Pinch एक विश्वसनीय प्लेटफॉर्म है जहाँ आपको ताज़ा खबरें, ट्रेंडिंग अपडेट्स और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में मिलती है।

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
Our Picks

चक्रवात ‘मुरासु’ ने पार किया आंध्र तट, दोपहर तक घटेगी तूफान की तीव्रता

November 3, 2026

गुरु हर राय साहिब के ज्योति-जोत दिवस पर केंद्रीय मंत्री गडकरी समेत कई नेताओं ने किया नमन

November 3, 2026

सोमालिया के तट के पास भारतीय नौसेना ने समुद्री लुटेरों से मछली पकड़ने वाले जहाज को छुड़ाया

November 3, 2026
Most Popular

नौसेना प्रमुख ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री से मुलाकात की, समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा

August 13, 20261,037

विश्व पोलियो दिवस : टीकाकरण, जनभागीदारी और पोलियो-मुक्त दुनिया का संकल्प

October 24, 2026601

मंदिर से पूजा कर घर लौट रही महिला को हाइड्रा ने कुचला, मौके पर मौत से परिवार में मचा कोहराम

August 16, 2026370
© 2026 Daily Pinch.
  • About us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.