सतनामी समाज पर विवादित टिप्पणी करने वाले कथावाचक आशुतोष चैतन्य कौन हैं? कोर्ट ने दी जमानत, साथ में चेतावनी भी

रायपुर: बिलासपुर में सतनामी समाज के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार कथावाचक आशुतोष चैतन्य को स्पेशल कोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने राहत देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि वे भविष्य में किसी भी सार्वजनिक मंच पर ऐसे बयान देने से बचें। मामला उस समय भड़का जब भागवत कथा के दौरान कथावाचक ने सतनामी समाज को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिसके बाद समुदाय के युवाओं ने कोर्ट परिसर में नारेबाजी और हंगामा किया।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

10 नवंबर 2025 को तखतपुर के टिकरी पारा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान आशुतोष चैतन्य ने सतनामी समाज पर कई अपमानजनक टिप्पणियां कीं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बयान सामने आने के बाद सतनामी समाज के युवकों ने तखतपुर थाने का घेराव किया और कथावाचक पर FIR व गिरफ्तारी की मांग की। कथावाचक के शब्दों—जैसे “कितनी गायें कट रही हैं… पहले सनातनी थे, आज सतनामी हो गए… मूर्खता समझ नहीं आती…”—ने विवाद को और बढ़ा दिया।

कथा खत्म होते ही गिरफ्तारी, कोर्ट परिसर में तनाव

विरोध बढ़ने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की और 15 नवंबर को कथा समाप्त होते ही आशुतोष चैतन्य को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार होते ही बड़ी संख्या में समाज के युवा कोर्ट पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
हिंदू संगठन से जुड़े धनंजय गोस्वामी ने आरोप लगाया कि भीड़ कथावाचक के साथ बदसलूकी और मारपीट करने की कोशिश कर रही थी, जिसे पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर रोका। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट परिसर में कुछ लोग “बलौदाबाजार आगजनी” जैसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे।

इस बीच, वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। FIR में किसी को नामजद नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

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कौन हैं आशुतोष चैतन्य?

आशुतोष चैतन्य मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सक्रिय एक कथावाचक हैं, जो वृंदावन शैली में कथा सुनाने के लिए जाने जाते हैं। इनके कई शिष्य इन दोनों राज्यों में फैले हुए हैं। इंटरनेट पर इनके बारे में बहुत अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन कथाओं में वे स्वयं को जबलपुर की भूमि से जुड़ा बताते हैं। उनका एक आश्रम डिंडौरी जिले में भी बताया जाता है। हालिया विवाद के बाद वे अचानक सुर्खियों में आए हैं।

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