Close Menu
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
What's Hot

धनतेरस से पहले फिर महंगा होने लगा सोना, क्या अभी खरीदारी करना फायदेमंद रहेगा? समझें तेजी की वजह

November 6, 2026

Aaj ka Panchang : धनतेरस पर पूजा के लिए बेहद खास है ये मुहूर्त, जानें राहुकाल समेत पूरा पंचांग

November 6, 2026

Aaj ka Rashifal: शुक्रवार को इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ से लेकर नौकरी में तरक्की के बन रहे योग

November 6, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • ऑटो न्यूज़
  • खेल
  • जॉब
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
Home»ट्रेंडिंग न्यूज़»भारत अब दुनिया का ‘बैक ऑफिस’ ही नहीं, ‘ब्रेन ऑफिस’ भी है : पीएम मोदी
ट्रेंडिंग न्यूज़

भारत अब दुनिया का ‘बैक ऑफिस’ ही नहीं, ‘ब्रेन ऑफिस’ भी है : पीएम मोदी

Daily PinchBy Daily PinchOctober 23, 2026
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में एक निजी कार्यक्रम वर्ल्ड समिट 2026 को संबोधित किया। देश में चल रहे उत्सवी मौसम के बीच अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी अतिथियों का अभिनंदन किया।

एनडीटीवी समिट में हो रही चर्चाओं की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नई विश्व व्यवस्था को लेकर चर्चा आज हर जगह हो रही है, क्योंकि वैश्विक बदलाव अब सीधे आम नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब वैश्विक घटनाओं का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है तो ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में इस तरह के विश्व सम्मेलनों का महत्व और बढ़ जाता है।”

‘द वर्ल्ड बिटवीन ऑर्डर्स’ विषय पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक समुदाय को यह समझने की जरूरत है कि मौजूदा व्यवस्था क्यों बदल रही है और पुरानी व्यवस्थाएं वर्तमान संकटों का समाधान करने में क्यों विफल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इन सवालों के जवाब खोजते हुए यह प्रश्न भी सामने आता है कि बदलती दुनिया में भारत की भूमिका क्या होगी।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विकास का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना इस सोच के साथ हुई थी कि शक्ति के बजाय संवाद और सहयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, लेकिन समय के साथ नई अर्थव्यवस्थाओं, नई तकनीकों और नए देशों के उभरने के बावजूद वैश्विक संस्थाएं अपने ढांचे में आवश्यक बदलाव नहीं कर सकीं।

उन्होंने कहा कि व्यापार, तकनीक और समुद्री मार्ग जैसे माध्यम, जो पहले देशों को जोड़ने का कार्य करते थे। अब कई स्थानों पर संघर्ष, हथियारकरण और भू-राजनीतिक तनाव के केंद्र बन गए हैं। इसलिए आज जरूरत ऐसी समावेशी विश्व व्यवस्था की है जो निर्णय लेने वाली संस्थाओं और वर्तमान वास्तविकताओं के बीच अंतर को पाट सके।

कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक स्तर पर दिखी विभाजनकारी प्रवृत्तियों और विश्वास की कमी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि उन्होंने 2020 में जी-20 मंच से मानवता केंद्रित नई विश्व व्यवस्था बनाने का आह्वान किया था। उसी वर्ष संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से उन्होंने संस्थागत सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया था। उन्होंने कहा, “यदि सदी बदल जाए और हम न बदलें, तो परिवर्तन लाने की हमारी क्षमता भी कमजोर हो जाती है।”

उभरती हुई वैश्विक व्यवस्था की संरचना पर प्रश्न उठाते हुए प्रधानमंत्री ने बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और ग्लोबल साउथ की आवाज को उचित महत्व देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग केवल अनुकूल समय तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि संकट के समय भी उतना ही प्रभावी होना चाहिए। उन्होंने कहा, “इसके लिए सभी हितधारकों के बीच प्रभावी सहमति आवश्यक है।”

चाणक्य के अर्थशास्त्र का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कमजोर व्यवस्था ‘मत्स्य न्याय’ को जन्म देती है, जहां बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है। उन्होंने कहा कि भारत की मूल सोच ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिसमें इस प्रकार की स्थिति पैदा ही न हो। उन्होंने महामारी के दौरान 100 से अधिक देशों को भारत द्वारा वैक्सीन और दवाइयां उपलब्ध कराए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत की उसी सोच का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने स्वयं को विश्वबंधु के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि जी-20 और ब्रिक्स सम्मेलनों के दौरान जब कई लोगों को सर्वसम्मति की संभावना पर संदेह था, तब भारत ने विभिन्न पक्षों के बीच पुल का काम करते हुए सर्वसम्मत दिल्ली घोषणापत्र तैयार करवाए। उन्होंने कहा, “यह भारत की विश्वबंधु की भूमिका पर दुनिया के विश्वास को दर्शाता है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की बढ़ती शक्ति वैश्विक कल्याण से सीधे जुड़ी हुई है। उन्होंने अपने ‘पावर टू एम्पावर’ विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर, आर्थिक रूप से मजबूत और कुशल विकसित भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करेगा और दुनिया की समृद्धि में योगदान देगा। उन्होंने कहा, “आज भारत अपनी क्षमता इसलिए बढ़ा रहा है ताकि दुनिया की क्षमता भी बढ़ सके।”

देश के विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लगातार दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने हरित ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप और डिजिटल अर्थव्यवस्था में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा, “रियल-टाइम डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत दुनिया में नंबर एक है।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि जनगणना में डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जा रहा है और देश में पहली बार हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन हुआ है। उन्होंने कहा, “पहली बार भारत ने गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता के क्षेत्र में 300 गीगावाट का आंकड़ा पार किया है।”

हाल ही में एशियाई खेलों में 85 पदक जीतने वाले भारतीय दल से अपनी मुलाकात का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कई खेलों में भारत ने पहली बार ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उन्होंने महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम और मुक्केबाजों की उपलब्धियों की सराहना की। सेपक टकरॉ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस खेल में भी भारत ने हालिया एशियाई खेलों में पहली बार पुरुष क्वाड्रेंट स्पर्धा में पदक जीता।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी उपलब्धियां देश में हो रहे व्यापक बदलाव की पहचान हैं और यह सब “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब कोई राष्ट्र दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ता है तो उसकी आधारभूत संरचना कमजोरी का नहीं, बल्कि शक्ति का प्रतीक बनती है।

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं, महिलाओं, किसानों, मछुआरों, गरीबों और मध्यम वर्ग की भूमिका की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सितंबर में वस्तुओं के निर्यात में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और पिछले 12 वर्षों में समुद्री उत्पादों का निर्यात दोगुने से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि गांवों में 3.5 करोड़ से अधिक लखपति दीदियां बनाई जा चुकी हैं और सरकार 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। साथ ही प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 70 लाख नए रोजगार सृजित किए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि मध्यम वर्ग के लिए 12 लाख रुपए तक की आय को करमुक्त किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा, “देश में जीवन की सुगमता बढ़ रही है और रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं।” अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश शोध प्रकाशनों के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है और केवल 2025 में लगभग 1.5 लाख पेटेंट आवेदन दाखिल किए गए।

प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र की चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया के 20 प्रतिशत चिप डिजाइन विशेषज्ञ भारत में हैं और भारतीय इंजीनियर अत्याधुनिक 2 से 3 नैनोमीटर चिप डिजाइन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे छात्रों ने अब तक 325 से अधिक चिप डिजाइन तैयार किए हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के आधे से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर भारत में हैं और अब ये केवल बैक-ऑफिस सेवाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स और उत्पाद विकास जैसे क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, “भारत अब दुनिया के लिए केवल बैक ऑफिस नहीं, बल्कि ब्रेन ऑफिस के रूप में भी काम कर रहा है।”

फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पीएलआई योजना के तहत पेनिसिलिन-जी का घरेलू उत्पादन फिर शुरू हो गया है और आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में वर्षों बाद इसका निर्माण शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार सक्रिय औषधीय घटकों की संपूर्ण घरेलू आपूर्ति शृंखला विकसित कर रही है और इस दिशा में 5,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित किया गया है।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाएं और “वी विल डू इट” का विश्वास देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने कहा, “हम बड़े सपने देखेंगे, हर चुनौती को अवसर में बदलेंगे और हर संकल्प को पूरा करेंगे।”


Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Daily Pinch

Related Posts

धनतेरस से पहले फिर महंगा होने लगा सोना, क्या अभी खरीदारी करना फायदेमंद रहेगा? समझें तेजी की वजह

November 6, 2026

Aaj ka Panchang : धनतेरस पर पूजा के लिए बेहद खास है ये मुहूर्त, जानें राहुकाल समेत पूरा पंचांग

November 6, 2026

Aaj ka Rashifal: शुक्रवार को इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ से लेकर नौकरी में तरक्की के बन रहे योग

November 6, 2026

Latest News

ट्रेंडिंग न्यूज़

धनतेरस से पहले फिर महंगा होने लगा सोना, क्या अभी खरीदारी करना फायदेमंद रहेगा? समझें तेजी की वजह

By Daily PinchNovember 6, 2026
एस्ट्रोलॉजी

Aaj ka Panchang : धनतेरस पर पूजा के लिए बेहद खास है ये मुहूर्त, जानें राहुकाल समेत पूरा पंचांग

By Daily PinchNovember 6, 2026
एस्ट्रोलॉजी

Aaj ka Rashifal: शुक्रवार को इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ से लेकर नौकरी में तरक्की के बन रहे योग

By Daily PinchNovember 6, 2026
ट्रेंडिंग न्यूज़

धीरेंद्र शास्त्री पर भड़के सांसद पप्पू यादव, बोले- रांची या आगरा के पागलखाने में बंद करने की जरूरत

By Daily PinchNovember 5, 2026
About Us
About Us

Daily Pinch एक विश्वसनीय प्लेटफॉर्म है जहाँ आपको ताज़ा खबरें, ट्रेंडिंग अपडेट्स और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में मिलती है।

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
Our Picks

धनतेरस से पहले फिर महंगा होने लगा सोना, क्या अभी खरीदारी करना फायदेमंद रहेगा? समझें तेजी की वजह

November 6, 2026

Aaj ka Panchang : धनतेरस पर पूजा के लिए बेहद खास है ये मुहूर्त, जानें राहुकाल समेत पूरा पंचांग

November 6, 2026

Aaj ka Rashifal: शुक्रवार को इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ से लेकर नौकरी में तरक्की के बन रहे योग

November 6, 2026
Most Popular

नौसेना प्रमुख ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री से मुलाकात की, समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा

August 13, 20261,037

विश्व पोलियो दिवस : टीकाकरण, जनभागीदारी और पोलियो-मुक्त दुनिया का संकल्प

October 24, 2026601

मंदिर से पूजा कर घर लौट रही महिला को हाइड्रा ने कुचला, मौके पर मौत से परिवार में मचा कोहराम

August 16, 2026370
© 2026 Daily Pinch.
  • About us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.