मेंस हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का रोमांच 27 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। टूर्नामेंट में भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले से करेगी। प्रतियोगिता को लेकर हॉकी प्रेमियों में उत्साह है, क्योंकि इसमें एशिया की छह प्रमुख टीमें खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।
भारत इस बार मौजूदा चैंपियन के तौर पर अपनी चुनौती पेश करेगा। ऐसे में टीम की नजर एक बार फिर ट्रॉफी अपने नाम करने पर होगी।
27 अक्टूबर को भारत और बांग्लादेश के बीच मुकाबला
एशियन मेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का यह नौवां संस्करण होगा, जिसकी मेजबानी भारत करेगा। टूर्नामेंट के शुरुआती दिनों में ही कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
भारतीय टीम अपना पहला मैच 27 अक्टूबर को बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद टीम इंडिया को अगले चरण में जगह बनाने के लिए लगातार मजबूत प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना होगा।
भारत इस प्रतियोगिता में अब तक पांच बार खिताब जीत चुका है, जो टूर्नामेंट में किसी भी टीम के मुकाबले सबसे ज्यादा है। मौजूदा चैंपियन होने के कारण भारतीय टीम पर अपना दबदबा बरकरार रखने की जिम्मेदारी भी होगी।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में भारत का पूरा कार्यक्रम
भारतीय टीम के लीग चरण के मुकाबले इन तारीखों पर खेले जाएंगे:
- 27 अक्टूबर: भारत बनाम बांग्लादेश
- 29 अक्टूबर: भारत बनाम चीन
- 30 अक्टूबर: भारत बनाम जापान
- 1 नवंबर: भारत बनाम मलेशिया
- 2 नवंबर: भारत बनाम दक्षिण कोरिया
लगातार होने वाले इन मुकाबलों में भारतीय टीम को अपनी लय और प्रदर्शन बनाए रखना होगा। लीग चरण में हर मैच अहम होगा, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की राह तय होगी।
4 नवंबर को खेला जाएगा खिताबी मुकाबला
टूर्नामेंट का फाइनल 4 नवंबर को मोहाली इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। वहीं, लीग चरण के सभी मुकाबले जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे।
प्रतियोगिता में मेजबान भारत के अलावा जापान, चीन, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया और मलेशिया की टीमें हिस्सा लेंगी। छह टीमों के बीच होने वाली इस स्पर्धा में हर टीम की कोशिश खिताब तक पहुंचने की होगी।
भारत की नजर छठी ट्रॉफी पर
भारत ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब पांच बार जीतकर अपना मजबूत रिकॉर्ड बनाया है। दूसरी ओर, चीन, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया और मलेशिया की टीमें अब तक इस प्रतियोगिता में चैंपियन नहीं बन पाई हैं।
ऐसे में भारतीय टीम जहां अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी, वहीं अन्य टीमें पहली बार ट्रॉफी जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगी। टूर्नामेंट के मुकाबलों से यह तय होगा कि भारत अपना दबदबा कायम रख पाता है या किसी अन्य टीम को नया चैंपियन बनने का मौका मिलता है।

