भोपाल: मध्यप्रदेश में 23 सरकारी विभागों की वेबसाइटें बंद होने से सरकारी कामकाज और ऑनलाइन सेवाओं पर असर पड़ा है। इससे आम लोगों को कई जरूरी काम पूरे करने में परेशानी हो रही है। वहीं, परिवहन, खनिज, उद्योग और ऊर्जा जैसे राजस्व जुटाने वाले विभागों की डिजिटल प्रक्रियाएं प्रभावित होने से सरकारी आय पर भी असर पड़ने की आशंका है। पिछले 24 घंटे में संभावित राजस्व नुकसान को लेकर चिंता बनी हुई है, हालांकि वास्तविक नुकसान के आंकड़े सामने नहीं आए है।
इन 23 विभागों की वेबसाइटें प्रभावित
बंद वेबसाइटों में जल संसाधन, वित्त, पुलिस मुख्यालय, गवर्नमेंट प्रेस, तकनीकी शिक्षा, उद्योग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई), परिवहन, विमानन, लोक सेवा प्रबंधन, धर्मस्व, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, आयुष, उद्यानिकी, खनिज, ऊर्जा, सहकारिता, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, सामाजिक न्याय, जेल, गृह और राजस्व विभाग शामिल है।
ऑनलाइन सेवाएं बाधित, लोगों को हो रही परेशानी
सरकारी वेबसाइटों के बंद होने से ऑनलाइन आवेदन, विभागीय जानकारी हासिल करने, शुल्क जमा करने और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने में दिक्कत आ रही है। कई सरकारी सेवाएं डिजिटल माध्यम से संचालित होती है। ऐसे में वेबसाइटों की अनुपलब्धता से नागरिकों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का काम भी प्रभावित हो रहा है।
परिवहन, खनिज और ऊर्जा विभागों की आय पर असर की आशंका
परिवहन, खनिज, उद्योग और ऊर्जा विभाग सरकार के लिए राजस्व जुटाने के प्रमुख माध्यमों में शामिल है। इन विभागों में परमिट, शुल्क भुगतान, आवेदन और अन्य वित्तीय कामकाज के लिए ऑनलाइन व्यवस्था का उपयोग होता है। वेबसाइटें बंद रहने से इन प्रक्रियाओं में देरी हो सकती है, जिससे सरकारी खजाने में आने वाली रकम प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस व्यवधान से सरकार को कितना आर्थिक नुकसान हुआ है।
सुरक्षा खामी के चलते बंद की गईं वेबसाइटें
वेबसाइटों के बंद होने के पीछे सॉफ्टवेयर सुरक्षा से जुड़ी समस्या सामने आई है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने PHP तकनीक में गंभीर सुरक्षा खामी को लेकर चेतावनी जारी की थी। इसके बाद कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम के निर्देशों के अनुरूप वेबसाइटों को सुरक्षित करने और जरूरी सॉफ्टवेयर अपडेट लागू करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी मिली है।
बताया गया है कि PHP तकनीक पर संचालित सरकारी वेबसाइटों को सुरक्षा उपायों और अपडेट के लिए बंद किया गया है। हालांकि, वेबसाइटों के बंद होने और किसी वास्तविक साइबर हमले के बीच सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
वेबसाइटें दोबारा शुरू होने का इंतजार
अब सबसे अहम सवाल यह है कि प्रभावित वेबसाइटें कब तक दोबारा चालू होंगी। इनके बहाल होने के बाद ही ऑनलाइन सेवाओं और विभागीय कामकाज को सामान्य करने में मदद मिलेगी। फिलहाल वेबसाइटों के फिर से शुरू होने के समय और राजस्व पर पड़े वास्तविक असर को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

