दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल रैली की तैयारियों में जुटे हैं। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे दूसरे राज्यों से लोगों को दिल्ली आने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया को लेकर भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
राहुल गांधी ने बताया कि विपक्षी दलों का मार्च रामलीला मैदान तक पहुंचेगा। इसमें विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ राजनीतिक दलों से बाहर के लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सेवा क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों, नागरिक समाज के सदस्यों और पत्रकारों को भी शामिल होने का न्योता दिया गया है।
उन्होंने कहा कि दोनों कार्यक्रमों का मकसद यह मुद्दा उठाना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग में उनकी टीम किस तरह भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहे हैं। राहुल का आरोप है कि गृह मंत्री उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब समेत कई राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को दिल्ली पहुंचने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
‘लोगों में भारी नाराजगी, अधिकार छीने जा रहे हैं’
राहुल गांधी ने कहा कि रामलीला मैदान में जुटने वाली भीड़ और लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की कोशिशों से देश की मौजूदा स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकेगा। उनके मुताबिक, लाखों लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं और इसे लेकर जनता में गहरी नाराजगी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अडानी, अंबानी, नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मोहन भागवत को फायदा पहुंचाने के लिए लोगों के वोट का अधिकार छीना जा रहा है। राहुल ने कहा कि विपक्ष के ये प्रदर्शन अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही आंदोलन का हिस्सा हैं। उन्होंने संविधान की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों और विरोध में शामिल होना चाहने वाले लोगों से एकजुट होने की अपील की।
4 नवंबर को संगरूर में राहुल गांधी की इंसाफ रैली
दिल्ली में महारैली के बाद राहुल गांधी पंजाब में भी राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। वे 4 नवंबर को संगरूर में कांग्रेस की इंसाफ रैली को संबोधित करेंगे। पंजाब कांग्रेस के नेताओं के अनुसार, इस रैली में एक लाख से अधिक लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
रैली में पंजाब से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए जाने की संभावना है। इनमें राज्य के अधिकार, नशे की समस्या, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं।

