अंबाला। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अंबाला में 1857 की क्रांति के शहीदों की याद में तैयार स्मारक का लोकार्पण किया। 584 करोड़ रुपये की लागत से बने इस स्मारक के उद्घाटन के बाद उन्होंने गांधी मैदान में आयोजित रैली को संबोधित किया। इस दौरान शाह ने 1857 की क्रांति में अंबाला की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख किया और स्मारक को युवाओं के लिए देशभक्ति की प्रेरणा का केंद्र बताया।
अनिल विज के प्रयासों की अमित शाह ने की सराहना
रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि वह अनिल विज को विशेष रूप से बधाई देना चाहते हैं। लंबे संघर्ष के बाद उनके प्रयासों के साथ मनोहर लाल और नायब सिंह सैनी के योगदान से अंबाला में 1857 की क्रांति के शहीदों का स्मारक बनकर तैयार हुआ है।शाह ने कहा कि वे उसी अंबाला कैंट की धरती पर मौजूद हैं, जहां 10 मई 1857 को क्रांति की शुरुआत हुई थी। देखते ही देखते इस आंदोलन की लपटें देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच गई थीं। उन्होंने उस भूमि को नमन किया, जिसने कभी न डूबने वाले ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिलाने वाली क्रांति को जन्म दिया।
देश की युवा पीढ़ी को देशभक्ति की प्रेरणा देगा स्मारक
गृहमंत्री ने कहा कि 1857 की क्रांति में शामिल सेनानियों और योद्धाओं ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। अंबाला में तैयार यह स्मारक देशभर के युवाओं को देशभक्ति और बलिदान की भावना से प्रेरित करेगा।उन्होंने अंबाला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही पवित्र धरती है, जहां कभी सरस्वती नदी बहा करती थी।
