छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सोमवार को नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिले में सक्रिय 28 नक्सलियों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इसमें कुछ ऐसे नक्सली भी शामिल हैं जिन पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से जंगलों में सक्रिय थे और संगठन की विचारधारा से निराश होकर अब सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। पुलिस ने बताया कि इन सभी को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
नारायणपुर एसपी ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार, शिक्षा और जीवन सुधार से जुड़े कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने इसे सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच बढ़ते विश्वास का परिणाम बताया।
राज्य सरकार ने इसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार चल रहे विकास कार्यों और संवाद की नीति ने ग्रामीण इलाकों में सकारात्मक माहौल बनाया है।
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आत्मसमर्पण के बाद सभी नक्सलियों को काउंसलिंग और आवश्यक औपचारिकताओं के लिए पुलिस लाइन ले जाया गया। प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में और भी माओवादी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं।