रायपुर में आयोजित 60वें DGP-IGP सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के बिल्कुल करीब पहुंच चुका है। शाह ने विश्वास जताया कि अगले DG-IG सम्मेलन से पहले देश पूरी तरह नक्सलवाद मुक्त होगा। उन्होंने बताया कि पिछले सात वर्षों में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाए गए, जिससे सुरक्षा तंत्र मजबूत हुआ और नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 2014 के 126 से घटकर अब सिर्फ 11 जिले रह गई है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह वार्षिक कॉन्फ्रेंस अब भारत की आंतरिक सुरक्षा नीतियों को आकार देने वाला एक निर्णायक मंच बन चुका है। उन्होंने नक्सलवाद, नॉर्थ-ईस्ट उग्रवाद और जम्मू-कश्मीर आतंकवाद को देश के “तीन क्रोनिक हॉटस्पॉट” बताया, जिन्होंने 40 साल तक भारत को परेशान रखा। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने इन समस्याओं का स्थायी और टिकाऊ समाधान तैयार किया है और यह सभी क्षेत्र अब तेजी से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।
सम्मेलन में शामिल होने के लिए अमित शाह एक दिन पहले ही रायपुर पहुंचे, जहां राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अन्य जन प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में देशभर के शीर्ष पुलिस, खुफिया और सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे। शाह ने वामपंथी उग्रवाद के गढ़ों को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार के विशेष अभियान और समन्वित प्रयासों को भी रेखांकित किया।