भारतीय नौसेना अपनी समुद्री ताकत को और मजबूत करने के लिए अमेरिका से MH-60R Seahawk हेलिकॉप्टर खरीद रही है। यह हेलिकॉप्टर खास तौर पर एंटी-सबमरीन और समुद्री सुरक्षा ऑपरेशन के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसकी डिलीवरी के बाद भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल क्षमता और सतर्कता दोनों में काफी सुधार आएगा।
नवंबर 2025 में भारत और अमेरिका के बीच यह डिफेंस डील लगभग 9000 करोड़ रुपये की है। इस डील में MH-60R हेलिकॉप्टर के साथ-साथ सपोर्टिंग सिस्टम और प्रशिक्षण की सुविधा भी शामिल है।डील की खास बातें: एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) क्षमता बढ़ाना , नौसेना के रॉकेट और मिसाइल संचालन में सुधार , लंबी दूरी की समुद्री निगरानी और रक्षा संचालन में मदद
MH-60R हेलिकॉप्टर आने के बाद: भारतीय नौसेना की सतत निगरानी क्षमता बढ़ेगी , समुद्री क्षेत्र में दुश्मन सबमरीन और जहाजों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण , भारतीय नौसैनिक बलों का सामरिक शक्ति संतुलन और मजबूतीविशेषज्ञों का कहना है कि यह डील भारतीय नौसेना की आधुनिकरण योजना और क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति में अहम भूमिका निभाएगी।
भारत-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह डील भारतीय नौसेना के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। MH-60R की तैनाती से न सिर्फ समुद्री निगरानी मजबूत होगी बल्कि दक्षिण एशिया में भारत की सामरिक पहुंच और प्रभाव भी बढ़ेगा।