दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आने वाला समय महंगा हो सकता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि एयरपोर्ट शुल्क में 22 गुना तक की बढ़ोतरी संभव है। इस बदलाव से न केवल सामान्य यात्रियों बल्कि एयरलाइन कंपनियों पर भी असर पड़ेगा।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि फीस में यह वृद्धि होती है, तो देश की एयरलाइन इंडस्ट्री और यात्री सेवा पर ₹50,000 करोड़ तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है। इससे हवाई टिकट की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर प्रभाव पड़ सकता है।
एयरपोर्ट विकास और संचालन लागत में बढ़ोतरी , सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं के लिए अतिरिक्त निवेश , हवाई अड्डा प्रबंधन और नियामक नीतियों में बदलाव | विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह प्रस्ताव लागू हुआ, तो यात्रियों को बजट यात्रा के विकल्पों पर ध्यान देना होगा और एयरलाइंस भी अपने किराए में संशोधन कर सकती हैं।
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टिकट बुकिंग समय पर करें ताकि महंगाई से बचा जा सके।फ्लाइट विकल्पों की तुलना करें और ऑफ‑सीजन या कम व्यस्त समय में यात्रा करें। एयरपोर्ट शुल्क और अतिरिक्त चार्जेस को ध्यान में रखते हुए बजट बनाएं।