भारत ने मानवीय सहायता और संकटमोचन की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्रीलंका में चल रहे ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ के तहत बड़ा कदम उठाया है। हालिया संकट के बीच भारत ने पड़ोसी देश को 53 टन राहत सामग्री भेजी है, वहीं फंसे हुए करीब दो हजार भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया गया है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, राहत सामग्री में खाद्यान्न, दवाइयां, पानी, टेंट, सोलर लैंप, प्राथमिक उपचार किट और जरूरी आपूर्ति शामिल थीं। भारतीय नौसेना के विशेष जहाजों ने यह सामग्री श्रीलंका के लिए रवाना की, जहाँ इसे स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों को सौंपा गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, श्रीलंका में हाल के दिनों में राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक संकट के कारण हालात बेहद खराब हुए हैं। कई क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं बाधित हो गईं, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए। इस बीच भारत ने ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत तुरंत सहायता उपलब्ध कराई।
भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त अभियान चलाया। विशेष उड़ानों और नौसैनिक पोतों के जरिए करीब 2,000 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया। कई विदेशियों को भी भारत ने मानवीय आधार पर सहायता प्रदान की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘सागर बंधु’ न सिर्फ राहत और बचाव अभियान है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक और मानवीय प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। श्रीलंका सरकार ने भारत की इस त्वरित सहायता के लिए धन्यवाद जताया है।