PM मोदी का संदेश: पुलिस की पेशेवर दक्षता बढ़ेगी तो बदलेगी जनता की धारणा, भरोसा और मजबूत होगा

PM मोदी ने देश की पुलिस व्यवस्था को और अधिक विश्वसनीय, संवेदनशील और आधुनिक बनाने पर जोर देते हुए कहा है कि जनता में पुलिस के प्रति सकारात्मक धारणा विकसित करने के लिए पेशेवर दक्षता (Professional Efficiency) को बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार, कार्यशैली और त्वरित प्रतिक्रिया ही नागरिकों के साथ भरोसे का पुल बनाती है।

एक उच्च-स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और पुलिस सुधारों पर समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक जांच पद्धति, डिजिटल साक्ष्य संग्रह और स्मार्ट पुलिसिंग के माध्यम से अपने कामकाज को और प्रभावी बना सकती है। उन्होंने राज्यों को प्रशिक्षण ढांचा मजबूत करने और पुलिस बल को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की सलाह दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी दोहराया कि पुलिसकर्मियों को अपने दैनिक व्यवहार में संवेदनशीलता, मानवता और संवाद जैसे गुणों को और अधिक शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुश्किल स्थितियों में पुलिस ही आम नागरिकों की पहली उम्मीद होती है, इसलिए पुलिस व्यवस्था को ज्यादा भरोसेमंद और जनता केंद्रित बनाना समय की मांग है।

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बैठक में साइबर अपराध, आतंकवाद, नक्सलवाद, संगठित अपराध और अंतरराज्यीय सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित पुलिसिंग और इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस विभागों को AI, ड्रोन निगरानी, डेटा एनालिटिक्स और मॉडर्न कंट्रोल रूम जैसी क्षमताओं को तेजी से अपनाने की आवश्यकता बताई।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह पहल पुलिस सुधारों को नई दिशा देगी और इससे देश में कानून-व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ नागरिकों का पुलिस पर भरोसा भी बढ़ेगा।

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