Karur Stampede Case: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, CBI करेगी जांच
तमिलनाडु के करूर (Karur) जिले में हुई भीषण भगदड़ की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यह अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि “मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच” के लिए सीबीआई ही उपयुक्त एजेंसी होगी।
क्या है करूर भगदड़ मामला?
यह हादसा कुछ महीने पहले तमिलनाडु के करूर जिले में हुआ था, जब एक धार्मिक कार्यक्रम में भीड़ अचानक बेकाबू हो गई।
लोगों के बीच धक्का-मुक्की मचने से कई लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे।
स्थानीय प्रशासन पर तब यह आरोप लगा था कि सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर थी और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतज़ाम नहीं किए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों सौंपी जांच CBI को?
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि राज्य एजेंसियां जांच में पारदर्शिता नहीं बरत रहीं और कई महत्वपूर्ण सबूतों को अनदेखा किया जा रहा है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि,
“ऐसे गंभीर मामलों में जहां राज्य एजेंसियों पर सवाल उठते हैं, वहां केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच से जनता का भरोसा बढ़ता है।”
CBI को मिले पूरे अधिकार
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीबीआई को
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सभी केस फाइल्स,
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गवाहों के बयान,
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और फॉरेंसिक रिपोर्ट्स तक पूरा एक्सेस दिया जाएगा।
साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह जांच में पूरा सहयोग करे और किसी भी तरह की देरी न हो।
पीड़ित परिवारों ने जताई उम्मीद
करूर हादसे में अपने प्रियजनों को खो चुके परिवारों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
कई स्थानीय संगठनों ने भी कहा कि सीबीआई जांच से सच सामने आने की संभावना बढ़ गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
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विपक्षी दलों ने कोर्ट के फैसले को “जनता की जीत” बताया।
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वहीं राज्य सरकार ने कहा कि वे सीबीआई को पूरा सहयोग देंगे और किसी भी तरह की बाधा नहीं आने देंगे।
अब आगे क्या?
सीबीआई जल्द ही
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केस फाइल्स को अपने कब्जे में लेगी,
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संबंधित अधिकारियों से पूछताछ करेगी,
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और घटना स्थल का दोबारा निरीक्षण करेगी।
रिपोर्ट को लेकर एजेंसी को 90 दिनों में प्रगति बताने का निर्देश दिया गया है।